स्वतंत्रता का अधूरा आलाप
“आज़ादी केवल तिथि नहीं, एक निरंतर संघर्ष है। यह सिर्फ़ झंडा फहराने का अधिकार नहीं, बल्कि हर नागरिक को समान
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Read Moreजब कन्या ज़रा-सी सयानी हुई,गली-गली उसकी आहट फैल जाती—जैसे कचनार की पहली कलीअचानक सबकी नज़र में आ गई हो। अम्मा
Read Moreरिश्तों में मोहब्बत का दिया जलना चाहिए,ना बहन रोए, ना बहू को तन्हा रहना चाहिए। जिस घर में बेटियों को
Read Moreएक सितंबर दो हज़ार पच्चीस को जब भारत डाक की रजिस्टर्ड डाक सेवा औपचारिक रूप से समाप्त कर दी जाएगी,
Read Moreरक्षाबंधन का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, दिल पर बंधता है। यह एक वादा है—साथ निभाने का, सुरक्षा का, और
Read Moreराखी के धागों में बँधी दुआएँ,हर साल बहना की आँखें भर लाएँ।सपनों में जब भी तू आता है भैया,मन आँगन
Read Moreराखी का ये प्यारा त्यौहार,भाई-बहन के रिश्ते का उपहार।नन्ही कलाई पर बंधी एक डोर,भावनाओं से भरी, स्नेह का शोर। हर
Read Moreभारत में नदियों, पहाड़ों और जल स्रोतों के साथ हो रहा खिलवाड़ अब आपदाओं का कारण बन रहा है। लालचवश
Read Moreचार बजा —न दिन जगा, न पंछी बोले,पर उसकी पलकों परएक टूटा सपना काँप उठा। धीरे-धीरे उठी —जैसे कोई सूखी
Read Moreसुबह के चार बजे थे। बाहर अभी भी अंधेरा पसरा था, मगर प्रियंका की नींद खुल चुकी थी। अलार्म बजने
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