Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

सामाजिक

आधी आबादी, अधूरी भागीदारी: ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में भारत की गिरती साख

21वीं सदी की सबसे बड़ी क्रांतियों में एक है—महिलाओं की भागीदारी का बढ़ना। फिर भी, जब वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने

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पुस्तक समीक्षा

“मौन की मुस्कान” – चुप्पियों के शब्दों में गूंजती स्त्री की आत्मा

“मौन की मुस्कान” केवल कविताओं का संग्रह नहीं, एक स्त्री की आत्मा से निकली आवाज़ है। प्रियंका सौरभ की रचनाएँ

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राजनीति

सरल पोर्टल की असफलता: हरियाणा के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ सर्टिफिकेट कहाँ से लाएं?

हरियाणा में आज जो हालात हैं, वहां डिजिटल नहीं, टॉर्चर इंडिया का निर्माण हो रहा है। एक ऐसी स्थिति जहाँ

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