मैं पिछले साल का पौधा हूँ
मैं पिछला साल का पौधा हूँ,जिसे तुमने कैमरे की फ़्लैश में रोपा था,हाथ में कुदाल नहीं,पर हाथ में ढेर सारे
Read Moreमैं पिछला साल का पौधा हूँ,जिसे तुमने कैमरे की फ़्लैश में रोपा था,हाथ में कुदाल नहीं,पर हाथ में ढेर सारे
Read Moreहर वर्ष ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर हम पौधे लगाते हैं, फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन एक प्रश्न अनदेखा रह जाता है
Read Moreछायाओं में ढलती साँझ सी,वह हार जब आयी चुपचाप,न याचना, न प्रतिकार…बस दृष्टि में एक बुझा हुआ आकाश। होठों पर
Read Moreभारत में शादियों को लेकर एक सांस्कृतिक उत्सव, पारिवारिक प्रतिष्ठा और भावनात्मक जुड़ाव की भावना जुड़ी होती है। लेकिन जब
Read Moreएक साल की मासूम बच्ची की जान इसलिए चली गई क्योंकि उसे 7 घंटे तक वेंटिलेटर नहीं मिला। पीड़ित परिवार
Read More1) स्त्रियाँ जो द्रौपदी नहीं बनना चाहतीं वे स्त्रियाँअब चीरहरण नहीं चाहतीं,ना सभा की नपुंसक दृष्टि,ना कृष्ण का चमत्कारी वस्त्र-प्रदर्शन।वे
Read Moreमिट्टी की महक से है उसकी आराधना,खेत-खलिहान में वो करता नित नमन।धूप-छाँव में जो तपे, जो झूके न कभी,कृषक है
Read More“लिपट के रोये हैं बेटियों से अपनी हालत पे, जो कहते थे विरासत के लिये बेटा जरूरी है…” यह शेर
Read Moreमैं वह परछाई हूँ, जो छिप न पाई,मन के आँगन में घर कर गई।जहाँ चालों की परतें बिछी थीं,वहाँ मेरा
Read Moreवे जब चलीं तो हाथ में कलम थी,पर राह में कांटे, पत्थर, हर कदम थी।सच की तलाश में निकलीं जो
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