पहलगाम की चीख़ें
जब बर्फ़ीली घाटी में ख़ून बहा,तब दिल्ली में सिर्फ़ ट्वीट हुआ।गोलियाँ चलीं थी सरहद पार से,पर बहस चली—”गलती किसकी है
Read Moreजब बर्फ़ीली घाटी में ख़ून बहा,तब दिल्ली में सिर्फ़ ट्वीट हुआ।गोलियाँ चलीं थी सरहद पार से,पर बहस चली—”गलती किसकी है
Read Moreपहलगाम हमला जिहादी मानसिकता का परिणाम है। मोदी सरकार ने हमेशा आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब दिया है। राजनीतिक आलोचना आतंकवाद
Read Moreशब्दों से पहले चुप्पियाँ थीं,सिलवटों में सिसकती बेटियाँ थीं।किताबों में दर्ज़ थीं उम्मीदें,मगर दीवारों में बंद इज़्ज़त की तिज़ोरियाँ थीं।
Read Moreशिक्षा या शिकारी जाल? पढ़ी-लिखी लड़कियों को क्यों नहीं सिखा पाए हम सुरक्षित होना? अजमेर की छात्राएं पढ़ी-लिखी थीं, लेकिन
Read Moreशिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, थाना और तहसील जैसे पाँच संस्थानों की विफलता गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा अब ज्ञान नहीं,
Read Moreकोई पानी रख दे, कटोरे में भरकर,मैं भी जी लूं ज़रा, इस तपते शहर में।ना पुकार है मेरी किसी हैडलाइन
Read Moreतेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के कारण पक्षियों के लिए पानी और छांव जैसी बुनियादी ज़रूरतें
Read Moreप्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों से उम्मीदें तो आसमान छूती हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है, न सम्मान,
Read Moreकभी रिसर्च की चुप्पी में,दीवारों पर गोबर उतरा।तो कभी प्रतिरोध की गर्मी में,वही गोबर उल्टा फेरा। मैडम बोलीं — ‘ये
Read Moreदिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा क्लासरूम और प्रिंसिपल के घर पर गोबर लिपने की घटना केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि एक
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