Author: *डॉ. प्रियंका सौरभ

राजनीति

पहलगाम का सच: दुश्मन बाहर है, लड़ाई घर के भीतर”

पहलगाम हमला जिहादी मानसिकता का परिणाम है। मोदी सरकार ने हमेशा आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब दिया है। राजनीतिक आलोचना आतंकवाद

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कविता

शब्दों से पहले चुप्पियाँ थीं

शब्दों से पहले चुप्पियाँ थीं,सिलवटों में सिसकती बेटियाँ थीं।किताबों में दर्ज़ थीं उम्मीदें,मगर दीवारों में बंद इज़्ज़त की तिज़ोरियाँ थीं।

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सामाजिक

अजमेर से इंस्टाग्राम तक: बेटियों की सुरक्षा पर सवाल”

शिक्षा या शिकारी जाल? पढ़ी-लिखी लड़कियों को क्यों नहीं सिखा पाए हम सुरक्षित होना? अजमेर की छात्राएं पढ़ी-लिखी थीं, लेकिन

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शिक्षा एवं व्यवसाय

विनाश के पाँच तोप: शिक्षा से तहसील तक

शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, थाना और तहसील जैसे पाँच संस्थानों की विफलता गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा अब ज्ञान नहीं,

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पर्यावरण

कोई पानी डाल दे तो मैं भी चौंच भर पीलूं: चुपचाप मरते परिंदों की पुकार

तेज़ होती गर्मी, घटते जलस्रोत और बढ़ती कंक्रीट संरचनाओं के कारण पक्षियों के लिए पानी और छांव जैसी बुनियादी ज़रूरतें

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शिक्षा एवं व्यवसाय

प्राइवेट स्कूल का मास्टर: सम्मान से दूर, सिस्टम का मज़दूर

प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों से उम्मीदें तो आसमान छूती हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है, न सम्मान,

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शिक्षा एवं व्यवसाय

गोबर, गुस्सा और विश्वविद्यालय की गिरती गरिमा

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा क्लासरूम और प्रिंसिपल के घर पर गोबर लिपने की घटना केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि एक

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