बाल बाल बच गये
खुशीयों भरा माहौल से, मैं घर से निकल रहा था। बाइक को चालू करके , रास्ते पर चल दिया था।
Read Moreखुशीयों भरा माहौल से, मैं घर से निकल रहा था। बाइक को चालू करके , रास्ते पर चल दिया था।
Read More••••••••••• माँ मुन्डेश्वरी कर दो मेरा बेड़ा पार आया मैं तेरे द्वार माँ मुन्डेश्वरी ……. लेकर आया तेरे दर, मैं
Read Moreहद से ज्यादा खुश हैं—- क्या बात है। चेहरे पर भरपूर मुस्कान, लाजवाब है। किस कारण– खिलखिला उठा चेहरा, मुझे
Read Moreटूटी हुई छोपड़ियों से निकल कर, गन्दीली बस्तियों के रास्ते से, गुजरती हुई जाती है, हर रोज वह अबला। चमचमाती
Read Moreकलम का मुह खुलते ही, स्वर्णाच्छर पन्नों पर उग जाते हैं। उन्हीं अक्षरों के निकलते ही, शब्दों के नव अंकुर
Read Moreनहीं जानता था कि यहाँ पर इतना सब कुछ होगा। फर्ज को एहसान बताकर ऐसा हृदय विदारक होगा। मेरे मन
Read Moreसुबह की ठन्डी हवा मेरे तन में लगी । आलस्य हटाती, मेरा मन हर्षित हुआ । कनकनी मोती की तरह
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