देख रही है
रूपसि तेरा, श्यामल-श्यामल, कोमल-कोमल, केश-पाश, लहराता है, तेरे वक्ष पर। सजल अंग, खुली अलकों से, तिरछी नजर के छोरों में,
Read Moreरूपसि तेरा, श्यामल-श्यामल, कोमल-कोमल, केश-पाश, लहराता है, तेरे वक्ष पर। सजल अंग, खुली अलकों से, तिरछी नजर के छोरों में,
Read More•••••••••••••• प्यार ? इजहार ••••••••••••••••••••••••••••••••• लो हाथों में— प्यारा फूल सजा लो। दिल के अन्दर— मेरा दिल बसा लो। उमंग
Read Moreकलाम जी का चले जाना। पूरे विश्व को रूला जाना। पुरा देश एक महान पुरुष को खोया है, उस महान
Read Moreउसके चले जाने का ~जितना मुझे गम न था। वो कभी कभी मिले~~उतना मुझे कम न था। आखिर वो चली
Read Moreइस संसार में——- शुभ-अशुभ दोनों ही, हम सभी के आत्मा के आंशिक प्रकार है। अशुभ— मनुष्य के प्रत्यक्ष स्वरूप का
Read Moreमैं देखता रहा वो, भी देखती रही, मैं बात करता रहा, वो भी करती रही, वो मेरी जिंदगी में हर-पल
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