पचती नहीं है पाप की रोटी
पचती नहीं है पाप की रोटी पेट फाड़ कर बाहर आएगी छोड़ दो खोटी कमाई करना यह करामात जरूर दिखाएगी
Read Moreपचती नहीं है पाप की रोटी पेट फाड़ कर बाहर आएगी छोड़ दो खोटी कमाई करना यह करामात जरूर दिखाएगी
Read Moreमुझे भूलती नहीं लोगों से वह मुलाकातें याद रहती हैं मुझे उनकी छोटी छोटी बातें भूलना भी चाहूँ तो भूल
Read Moreतुम ही तो हो जो मन में रहती हो इक धारा सी बन कर बहती हो मिल जाना चाहती हो
Read Moreवह भी क्या दिन थे जब होती थी रोज मुलाकातें कट जाती थी यूँ ही जागते प्यार भरी चांदनी रातें
Read Moreआज से लगभग पचास वर्ष पहले की बात है । कोटधार की तलहटी में बसे एक गांव में एक अल्हड़
Read Moreचाहे खेत हो या हो खलिहान सड़क का काम हो या हो मकान बड़े बड़े पुलों का निर्माण करना हो
Read Moreबहुत फर्क है दोनों में मायका हो या हो ससुराल एक विवाहिता ही बता सकती है मायका अच्छा था या
Read Moreपूर्व निश्चित है आदमी का जीवन मरण आदमी पैदा होता है मर जाता है उतना समय ही यहां रहता है
Read Moreइश्क में उसके पड़कर हम भी खाने लगे पान गली में उसके खोल दी गोलगप्पे और समोसे की दुकान रोज़
Read Moreघुटनों के बल रेंगती हाथों से चलती ए ए करके मुझे अपने पास बुलाती कभी दादा दादा आवाज लगाती कभी
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