सुप्रभात जय श्री राम
उगता सूरज कह रहा, गहन निशा के बाद ।आती है सुख भोर की, रखना बस यह याद ।। — साधना
Read Moreउगता सूरज कह रहा, गहन निशा के बाद ।आती है सुख भोर की, रखना बस यह याद ।। — साधना
Read Moreजब कुछ टूट जाता है ..पीछे छूट जाता हैफिर सब पहले जैसा नहीं रहताएक दरार रह जाती हैंजो भर भी
Read Moreकहमुकरी जीवन में वह रस को घोलेमिश्री जैसी बातें बोलेरूठे तो वह फेरे अँखियाँक्या सखि साजनना सखि सखियाँ ।। त्रिवेणी1-
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