गीत – प्रेम प्रगाढ़ हुआ प्रिय तब से
प्रेम प्रगाढ़ हुआ प्रिय तबसे , जबसे नैनों में सच देखा । देखा मैनें अपनी सूरत तेरे हाथों में निज
Read Moreप्रेम प्रगाढ़ हुआ प्रिय तबसे , जबसे नैनों में सच देखा । देखा मैनें अपनी सूरत तेरे हाथों में निज
Read Moreचोरी नैनों से करे, लूटे मन का चैन। जब तब पलके मूंद कर, दिन को कर दे रैन ।। दिन
Read Moreडोरबेल की आवाज सुनके शिप्रा ने जैसे ही दरवाजा खोला .. आदित्य उसके सामने खड़ा था। जैसा कि इंसान के
Read Moreखुद को आप दुलारिये, खुद से करना प्यार । काम नहीं आयें सदा, लोगों का भरमार।। भूल भले सब जाइए,
Read Moreमाया ठगनी रूप को , मनुज जरा पहचान । हर लेती मति ये सदा, बात हमारी मान ।। बात हमारी
Read Moreमन को हरते है सदा, मीठे मीठे बोल। बोल अनोखी चाशनी, रिश्तों में दे घोल ।। घोल प्रेम संसार में
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