छाया है पिता
बरगद की घनी छाया है पिताछाँव में उसके भूलता हर दर्द। पिता करता नहीं दिखावा कोईआँसू छिपाता अन्तर में अपने।तोड़ता
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Read More1-कहते ज्ञानी लोग हैं, अजब गजब संसार।दुनिया लोभी लाभ की, यही दिखे व्यापार।यही दिखे व्यापार, मोह के सारे मारे।मन्दिर जाते
Read Moreसूरज अपने एक दोस्त की शादी में कानपुर जा रहा था। सूरज का बचपन वहीं गुजरा था अतः वहाँ के
Read Moreफिर आज झूम यह पर्व सभी यहाँ मनाते। कितना लगे उन्हें पावन आज वह बताते।।1।। सबके लिए समर्पित परहित जिए
Read Moreघोड़े पर सवार होके आयी हैं भवानी करने कल्याण सबकी माता रुद्राणी। चँवर डुलाओ माँ की आरती उतारो अगर कपूर
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