मुक्तक
मन का अँधियारा मिटे,बिछे राह में फूल |तुझे सभी खुशियां मिले,आंसू मुझे कुबूल |तेरी पीड़ा, मुश्किले,हर ले सब भगवान |रक्षा
Read Moreजीवन नैया डूब रही प्रभु आकर पार लगाओकठिन समय है राह न सूझे आकर राह दिखाओ शूल पांव में गड़े
Read Moreनमन करे भागीरथी,तुझे झुका कर शीश |तेरे तट पर आ गये, पाने शुभ आशीष || पावन गंगा ने दिया,अपना आशीर्वाद
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