सब कुछ कुर्बान कर आये
मेरे भाई कलाई के राखी की, लाज काहे तुम रख नही पाये। भाभी को देकर सिंदूर दान, दान सिंदूर का
Read Moreमेरे भाई कलाई के राखी की, लाज काहे तुम रख नही पाये। भाभी को देकर सिंदूर दान, दान सिंदूर का
Read Moreआजादी से आजादी तो बस वहसी दरिंदो ने ही पायी है जिसकी कीमत भरें बाजारों चौराहो में नारी ने चुकायी
Read Moreसाल मुझे फिर याद आ गया यादों में बीत गया पूरा साल तो रुप बदल क्यूँ सामने आ गया कल
Read Moreपास रहते ना जाने कब ये दूरी हो गई ना जाने क्यूँ ये कहानी फिर अधूरी हो गई समय के
Read Moreपूजा पाठ कर शीश झुकाये, बेल पत्र संग गंग दुब चढ़ाये। सुमन सा मन में भाव भर के, फूलों की
Read Moreजल पीकर जो हल के लिए जल जाते, सह जाता सबकुछ तब शिक्षक कहलाते। अज्ञानता अंधकार कुरुप रूप धर आये,
Read Moreचल खेले गौरी आज हम चौसर, तुम्हें जितने का दे रहा हूं अवसर। तीन भुवन सह लोक के स्वामी, जग
Read Moreसपनें सब परिवार के छोड़, देश पर शहीद हुवा जवान। माँ मॉन के भारत भूमी को, कर दिया उसने सब
Read Moreइंसान को अगर हर जगह सफल होना है तो उसे इन तीन बातो का ध्यान रखना होगा। वो मुख्य तीन
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