अधूरी कहानी
पास रहते न जाने कब ये दूरी हो गई,ना जाने क्यूँ ये कहानी फिर अधूरी हो गई। समय के फेरों
Read Moreपास रहते न जाने कब ये दूरी हो गई,ना जाने क्यूँ ये कहानी फिर अधूरी हो गई। समय के फेरों
Read More“जल उठा तालाब” सुनते ही मन में अग्नि की छवि उभरती है, परन्तु यहाँ आग की लपटें दिखाई नहीं देतीं
Read Moreविवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का ऐसा पवित्र बंधन है जिसे समय, परिस्थितियाँ और जीवन
Read Moreवों बूढ़ी किताबें थम गईं, मन चंचल हो उड़ चला,शब्दों का सागर सूख गया , हर अक्षर जैसे मुड़ चला।
Read More“सरल” – जीवन का सच्चा मंत्र स – सीता जीर – राम जील – लक्ष्मण जी “सरल” केवल एक शब्द
Read Moreजंगल में होली आई रे,रंग उड़े चौतरफ़ा भाई रे।मोर नाचा, तितली डोली,तोता बोला“आज है होली!” शेर दहाड़ा “मैं हूँ राजा!”भालू
Read Moreतोता रो-रोकर सुनाए, मूक पखेरू की कहानी,आँखों से आँसू बहते, कहता दुख की जुबानी। मेरी गौरैया अब देखो, कहीं नहीं
Read Moreशहर बोला मैं तरक़्क़ी की मिसाल बन गया,पेड़ बोला अरे मैं फ़ाइल में सवाल बन गया। नदियाँ बोलीं अब हमें
Read Moreघर में आर्थिक तंगी, बाहर महँगाई का शोर,रोटी पहले सोचे घर, फिर सपनों की ओर।महँगी हो रही शिक्षा, अब सस्ती
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