बिना मात्रा की कजरी
झम-झम बरसत,मन मम तरसत,कब तक लखब सजन पथ न। पल-पल कट-कट करत ननद घर,कब लग सहब सजन हम डर-डर,नभ घन
Read Moreझम-झम बरसत,मन मम तरसत,कब तक लखब सजन पथ न। पल-पल कट-कट करत ननद घर,कब लग सहब सजन हम डर-डर,नभ घन
Read Moreबहुत हुआ अपमान, तुम्हारी ऐसी-तैसीकपटी,झूठिस्तान,तुम्हारी ऐसी-तैसी। जो खुद हिंदू नहीं,खड़ा हो संसद में,पेल रहा है ज्ञान,तुम्हारी ऐसी-तैसी। भारत के दुश्मन
Read Moreआगमन-प्रस्थान धरती,पर हमेशा ही चलेगा,प्रश्न यह है,आपने –अपनी तरफ से क्या किया है? इस धरा ने हम सजीवों,के लिए सब
Read Moreतिसरी बार बने पीएम,अब कुछ न अधूरे होंगेसत्य सनातन के सारे ही सपने पूरे होंगे दीनदयाल -मुखर्जी जी ने जो
Read Moreसत्य सनातन के अवरोधी फिर से मुंहकी खाएंगेअबकी लाल किले से मोदी फिर झंडा फहराएंगे पांच सदी के बाद राम
Read Moreयह समय ‘आम’ का है,यह समय काम का है,गर्मी-चुनाव एक साथ,गुठलियों के दाम का है। आज आम राजा है,बहुत तरोताजा
Read Moreजिसने लूटा, उसे जिता दो,जिसने कूटा,उसे जिता दो, घोटालेबाजी में जिनका –भांडा फूटा,उसे जिता दो। वंशवाद-परिवारवाद में –मिला अंगूठा, उसे
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