कितनी प्यारी धूप खिली है
प्यारी धूप खिली है आज हमारे फुलवारी में कहीं तरुवर है इठलाते झूमती है क्यारी क्यारी इन मदमस्त गुलाबों को
Read Moreप्यारी धूप खिली है आज हमारे फुलवारी में कहीं तरुवर है इठलाते झूमती है क्यारी क्यारी इन मदमस्त गुलाबों को
Read Moreमन की सीमा कौन जाने ले जाती है क्षितिज के पार! मन की भटकन को कौन जाने ले जाती है
Read Moreये रात मुझे डराती है कुछ बात मुझे समझाती है। इन मुर्दों के शहर में जिंदगी दम तोड़ती नजर आती
Read Moreआसमां से पूछना था अपने विशाल आनन के असंख्य तारों को कैसे तुमने संभाला है? चांद की शीतलता को कैसे
Read Moreदिल पर दस्तक देने वाले ऐ अजनबी कौन हो तुम? बेगाने -से इस शहर में जाने पहचाने-से कौन हो तुम?
Read Moreतू जो कर दे एक इशारा छोड़ दूं दुनिया सारा सांसों की मोहताज बनी इस जिंदगी को तेरे नाम कर
Read Moreआंखो का पानी बचा रहे खून में रवानी बनी रहे! हैवानियत के इस दौर में इंसानियत की आबरू बनी रहे!
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