आत्मकथा : एक नज़र पीछे की ओर (कड़ी 2)
कानपुर शहर यहाँ कानपुर शहर के बारे में बता देना अच्छा रहेगा। यह शहर उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक जनसंख्या
Read Moreकानपुर शहर यहाँ कानपुर शहर के बारे में बता देना अच्छा रहेगा। यह शहर उत्तर प्रदेश का सबसे अधिक जनसंख्या
Read Moreबिग्रेडियर ने हमें चेतावनी दे दी थी कि मेरी तबदीली हो चुकी है लेकिन मैं चाहता हूँ कि तुम लोगों
Read Moreअथ अपनी आत्मकथा के पिछले भाग ‘दो नम्बर का आदमी उर्फ आ ही गया बसन्त’ में मैं लिख चुका हूँ
Read Moreहम दोनों गढ़ीकपूरा पहुँचे। जैसा सुना था वैसा ही देखा। गुरुद्वारा के पास ससुर को मिला। मिलेट्री का पहरा लगा
Read Moreप्राक्कथन जड़ चेतन गुन दोषमय विश्व कीन्ह करतार। संत हंस गुन गहहिं पय परिहरि वारि विकार।। सियाराम मय सब जग
Read Moreयह 1946 या 47 की बात है। वहाँ से भ्राताजी के खत आते। उनसे वह काफी परेशान से लगते जैसे
Read Moreहमारे तत्कालीन सहायक महा प्रबंधक श्री राम आसरे सिंह बहुत ही सज्जन थे। सभी अधिकारियों की व्यक्तिगत समस्याओं पर भी
Read Moreदूसरे साल भी वह जन्द्र हमने दस हजार रुपये ठेके पर ले लिया। पिछले साल से काफी महंगा था। फिर
Read Moreमैं बता चुका हूँ कि वाराणसी के आसपास घूमने की बहुत सी जगह हैं। मुख्य रूप से सारनाथ तो शहर
Read Moreअब जरा लखनऊ के अपने मकान की बात कर ली जाये। मैं लिख चुका हूँ कि सन् 1986 में मैंने
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