अंतिम दुआ
“सन्तोष! तुम यहाँ? तुम तो यहाँ से जा चुके हो।”“जानना नहीं चाहोगे कि मेरे जाने का क्या कारण था?”“जानता हूँ।
Read Moreदेवकुँवर तीस साल की उम्र में माँ बनी थी। हीरा जैसा हीरा लाल बेटा मिला था। फिर ईश्वर की ऐसी
Read Moreआँगन में खेलते बच्चों को श्यामा आवाज लगाती है ! चलो आओ खेलना बंद करो बच्चो !! देखो मैने भोजन
Read Moreमाटी की महक। गांव में रहते लोगों का भोलापन। लहलहाते खेत। गाय भैंस का रंभाना। बैलगाड़ी की सवारी। अमरूद, आम,
Read Moreहेलो, जी मैं “अलाने” शहर से विकराल रूप झंझावात बोल रहा हूँ। क्या मैं “फलाने” शहर के कुपित कुमार अग्नि
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