लघुकथा- अहंकार न करने का प्रण
“विनीता जी, आपके पिताजी दुर्घटनाग्रस्त होकर हमारे अस्पताल में भर्ती हैं, आप जल्दी आइए.” सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने फोन
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Read Moreपैसा…पैसा….हर पल केवल व्यापार की चिंता। न समय पर सोना, न खाना। घर परिवार में सारे ऐषो आराम का इंतजाम
Read Moreआज बहुत दिनों बाद मिस्टर शर्मा पार्क पर दिखाई दिये। वे मेरे पास आकर मुझ से हाथ मिलाने लगे तो
Read Moreकमली बैठे-बैठे जलते तवे को घूर रही थी । शराबी पति की हाड़ तोड़ती मार खाकर रोटी बनाने का किसका
Read Moreरास्ते में जल्दी-जल्दी चलते हुए राकेश का पैर वहाँ पड़े एक पत्थर से टकराया।“उफ़! यह पत्थर भी न। इसे भी
Read Moreमनुष्य एक भावना प्रधान प्राणी है उसकी भावनाएं ही उसके सुख दुख की साथी होती हैं,स्थिति प्रतिकूल हो तो दुख
Read Moreजंगल मे चिड़िया समुदाय की मीटिंग चल रही थी ।इस मीटिंग में कुछ ज्वलंत मुद्दे जैसे -पानी की समस्या, घोंसला
Read Moreखेती -किसानी के साथ-साथ साहित्य सृजन का कार्य वह कड़ी मेहनत व दिल लगाकर करता था । बाहर कम ही
Read Moreपृथ्वी पर केवल एक पेड़ बचा था। उसे काँच के विशाल गुंबद में सुरक्षित रखा गया था। दुनिया भर के
Read Moreबड़े साहब का अचानक विभागीय दौरा आ गया, पूरे विभाग में भगदड़ मच गई। कोई फाइल लेकर इधर से उधर
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