लघुकथा

लघुकथा

बेटा, ज़िंदगी आसान भी है और मुश्किल भी, फ़र्क केवल नज़र का है

प्रिय अमन, मेरी आँखों के तारे, नूर‑चश्म,बेटा,  तुम बचपन में मेरे कंधे पर सिर रखकर ज़िद किया करते थे, कभी

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