लघुकथा – आख़िरी पेड़ का इंटरव्यू
पृथ्वी पर केवल एक पेड़ बचा था। उसे काँच के विशाल गुंबद में सुरक्षित रखा गया था। दुनिया भर के
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Read Moreबड़े साहब का अचानक विभागीय दौरा आ गया, पूरे विभाग में भगदड़ मच गई। कोई फाइल लेकर इधर से उधर
Read Moreशहर में एक नया बैंक खुला—“यादों का बैंक”। यहाँ लोग पैसे नहीं, अपनी यादें जमा करते थे। खुशियों की यादों
Read Moreरीना को लोग अक्सर “गलत फैसले लेने वाली औरत” कहते थे। लेकिन कोई उसकी कहानी पूरी सुनना नहीं चाहता था।
Read Moreपिछले कुछ दिनों से आशा फोन पर बहुत कम ही बात करती थी। कारण स्पष्ट था, ए आई के आने
Read Moreप्रेम का भाव लिए प्रेमी-प्रेमिका अपने मन की बाते कर रहे थे। वे दोनों चाहते थे कि उनका प्रेम अमर
Read Moreक्लर्क प्रताप नारायण जाटव की मेज़ पर फ़ाइलें रुकती थीं — महीनों, सालों। पर वे रुकती तभी थीं जब लिफ़ाफ़ा
Read Moreगाँव निवाई में हर अमावस की रात एक अनजाना-सा डर उतर आता था. कच्ची पगडंडियाँ, घास-फूस के घर और दूर
Read Moreरहमान और रेहाना दोनों खुश थे। जैसा एक-दूसरे को चाहते थे। वैसे ही मिले थे। हंसमुख स्वभाव के थे। दोनों
Read Moreबरसात की पहली शाम थी। कंक्रीट के ऊँचे जंगलों के बीच पानी सड़कों पर बह रहा था। गाड़ियों का शोर,
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