मनहरण कवित : विश्व हिंदी दिवस विशेष
हिंदी भाषा हिन्द की ये,जगत मे न्यारी लगे, ऐसी न्यारी प्यारी भाषा,आप अपनाइये । मॉम डेड सिस वाली,गुलामी के बोल
Read Moreहिंदी भाषा हिन्द की ये,जगत मे न्यारी लगे, ऐसी न्यारी प्यारी भाषा,आप अपनाइये । मॉम डेड सिस वाली,गुलामी के बोल
Read Moreआज वामन जयंती है। वामन अवतार की कथा रोला छंद (11-13) में – **************************************************** कश्यप अदिति सुपुत्र, प्रथम त्रेता अवतारी।
Read Moreशीर्षक : देशभक्त सारे जग को बिसार,देते तन मन वार, करे भारती के लाल,वो कहाँ आराम है । काटे दस
Read More१. टिक टिक करती घड़ियाँ बोलीं, साथ समय के चलना सोने से सो जाते अवसर, मिलता कोई हल ना नींद
Read More१) पुनर्जन्म है सच अगर, चाहूँ मैं हर बार हिन्दी की सेवा करूँ, जन्मूँ बारम्बार। जन्मूँ बारम्बार, देश में अलख
Read Moreखाली दोनों हाथ हैं ना गुटली ना आम सिद्धू पाजी को मिला वाजिब एक इनाम वाजिब एक इनाम आप का
Read Moreजब ते निहारा तोरा,चंदा सा सुहाना मुख, मोरे जियरा में जाने, कैसी लगी आग है | ऐसी में मगन भई,
Read Moreआशुतोष वर देते, सारी पीड़ा हर लेते, सुरासुर देव शिव, सर्वहितकारी है | तन पे लगाएं भस्म, शिखर सजाएं चन्द्र,
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