नैतिकता के दोहे
नैतिकता के पथ चलो, तभी बनेगी बात। जीवन तब होगा मधुर, पाये तू सौगात।। नैतिकता के संग हैं, दया, मनुजता,नेह।
Read Moreनैतिकता के पथ चलो, तभी बनेगी बात। जीवन तब होगा मधुर, पाये तू सौगात।। नैतिकता के संग हैं, दया, मनुजता,नेह।
Read Moreपरम्पराएँ मिन्न हैं, लेकिन हम सब एक।कोई पेड़ा खा रहा, कोई खाता केक।।—खाने-पीने के लिए, सबके अपने तर्क।बीयर मांस-शराब को,
Read Moreआज विदेशी जाल में, जकड़ा हिन्दुस्तान।दूर गरीबों से हुआ, खादी का परिधान।।—चरखे-खादी ने दिया, आजादी का मन्त्र।बन्धक अर्वाचीन में, अपना
Read Moreरोटी का अस्तित्व है, जीवन में अनमोल।दुनिया में सबसे अहम, रोटी का भूगोल।।—जीवन जीने के लिए, रोटी है आधार।अगर न
Read Moreबाँट बाँट कर मेरे देश को, जाति धर्म क्षेत्र के टुकड़ों में, मानवाधिकार की बात कर रहे, वह भी टुकड़ों
Read More