बाल कविता

बाल कविता : कम्प्यूटर

आओ बच्चो आओ मेरे संग तुम मौज मनाओ मैं दूंगा तुम सबको ज्ञान एक बार जरा बटन दबाओ तुम देखो मुझमें फिल्म या गीत बना लो मुझको अपना मीत कराऊंगा तुमको दुनिया भर की सैर रखो न मुझसे कोई दूरी या बैर मुझमें चाहे खेलो खेल दोस्तों को भेजो अच्छे-अच्छे ई-मेल मुझसे रंग-बिरंगे डिजाइन बनाओ […]

बाल कहानी

बाल कहानी : ‘हर जीव जरूरी’

जंबो हाथी ने चिंघाड़ते हुए कहा-‘‘आज फैसला होकर ही रहेगा। शेर सिंह ने आज फिर हिरनों के झुण्ड पर हमला बोल दिया। हमें अपना राजा बदलना ही होगा।’’ रंभा गाय बोली-‘‘चंपकवन में जीना मुहाल हो गया है। हम अपने बच्चों की सुरक्षा क्या खाक करेंगे, जब हम सुरक्षित नहीं हैं। आज फैसला हो ही जाए। […]

बाल कविता

बाल कविता : बच्चे

नटखट बच्चे प्यारे बच्चे कितने सच्चे कितने अच्छे बातों से अपनी सबको रिझाते मस्ती में खेलते मजे से खाते सबके दिलों में करते राज कल की फिक्र न डर कोई आज बात-बात में ये लड़ जाते कुछ ही पलों में फिर मान जाते नहीं जानते रंग भेद, जात-पात मौज मनाते सबके साथ तोतली बोली से […]

बाल कहानी

बाल कहानी : गुरु दक्षिणा -मनोहर चमोली ‘मनु’…

‘गुरु दक्षिणा’ -मनोहर चमोली ‘मनु’ ………………………………. नमन ने पूछा-‘‘मैम। ये गुरु दक्षिणा क्या होती है?’’ गीता मैडम यह सुनकर चैंकी। नमन अक्सर रोचक सवाल करता था। बात-बेबात पर कुछ न कुछ जरूर पूछता था। वह कार्टून फिल्मों का बड़ा शौकीन था। वीडियों गेम्स भी खूब खेलता था। चटोरा भी खूब था। लेकिन क्लास में वह […]

बाल साहित्य

टुनिया की सूझबूझ ( बाल कथा )

माँ कब से आवाज़ लगा रही थी। टुनिया को न जाने  सुनाई दे भी रहा  था भी कि नहीं। रज़ाई में दुबकी  पड़ी थी। उसके दोनों भाई -बहन स्कूल के लिए तैयार हो गए थे। और वह अभी तक उठी ही नहीं थी। माँ भी क्या -क्या करे सुबह -सुबह। कितने काम होते हैं। बच्चों को उठाओ। उनके कपड़े निकल […]

बाल कविता

बाल गीत 6 : हम फूल हैं इस उपवन के !!

हम फूल हैं इस उपवन के हम निर्मल कोमल मन के   हम सबको लगते प्यारे धरती के चाँद सितारे   हर आँगन के उजियारे हम घृणा द्वेष से न्यारे   हम जन गन मन उद्गाता भारत के भाग्य विधाता   मत निरा बाल तुम जानो बस वीर सिपाही मानो   है शपथ तिरंगे हमको […]

बाल कविता

बाल गीत 5 : जगत के पहरेदार बनो !

घोर अँधेरी निशा घनेरी इस जग के पहरेदार बनो |   तोड़ रहा दम आज उजाला तुम नई किरण का द्वार बनो |   सभी सितारे अस्त गगन में नभ का नूतन शृंगार बनो |   हिंसा , द्वेष , कलह पर फहरी वर विजय-ध्वजा, उपहार बनो |   महक चुराने आया है जो तुम […]

बाल कविता

बाल गीत 4 : माँ कहती है

सब मुझको मीठी कहते हैं माँ कहती है कम बतियाओ |   मेरी फ्रॉक बड़ी ही सुन्दर माँ कहती है कम इतराओ |   पापा कहते परी हूँ उनकी माँ कहती है मुँह धो आओ |   बच्चे कहते आओ खेलें माँ कहती है पढ़ने जाओ |   फास्ट फ्रेंड से हुआ है पंगा माँ […]

बाल कविता

बाल गीत 3 : गुड़िया रानी

सुनो न प्यारी गुड़िया रानी , सुबह उठो तो करो नमस्ते | करके मंजन आप नहा लो करो नाश्ता हँसते हँसते | पुस्तक, कॉपी, बैग उठाओ चल दो फिर स्कूल के रस्ते | ज़रा सलीका सीख सहेजो सभी खिलौने महँगे सस्ते | मुझको अपनी दादी कहतीं मेरी दादी हँसते – हँसते |

बाल कविता

बाल गीत 2 : प्यारी गौरैया

ओ मेरी प्यारी गौरैया रोज़ मेरी खिड़की पर करती फुदक फुदक कर ताता थैया कितनी सुबह सुबह जग जाती तुम मीठे सुर साज़ सजाती बजे अलार्म भले न मेरा मुझे समय से आन जगाती तुम ना हो तो फिर पक्का है कान खिंचें और मारे मैया छुट्टी के दिन सोने देना सुख सपनों में खोने […]