ममता की परीक्षा ( भाग – 21)
गोपाल वहीं खड़ा साधना को तब तक देखता रहा जब तक वह कॉलेज की ईमारत में घुस कर उसकी
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Read Moreअमर की बस को चले हुए लगभग आधा घंटा हो चुका था । बस के बारे में बिना कोई पूछताछ
Read Moreडॉक्टर सुमन की केबिन से बाहर आकर जमनादास उसी बेंच पर बैठ गए । उन्होंने जानबूझकर किसी को खबर नहीं
Read Moreकॉलेज के पार्किंग में पहुंचकर कार एक झटके से रुकी और यहां अस्पताल के बेंच पर बैठे जमनादास अचानक चौंक
Read More“चलो कपड़े पहनते हैं अब इश्क़ पूरा हुआ… छी… बस यही रह गया है प्यार-मुहब्बत का पर्याय…” कहते हुये निशा ने
Read Moreममता की परीक्षा ( भाग – 17 ) रुकते रुकते भी कार थोड़ा आगे बढ़ गई थी । गोपाल ने
Read Moreममता की परीक्षा ( भाग – 16 ) खिलखिलाते हुए ही साधना ने अपनी पतली कलाई पर बंधी घड़ी देखी
Read Moreममता की परीक्षा ( भाग – 15 ) एम्बुलेंस में निश्चल पड़ी रजनी की बगल में बैठे सेठ जमनादास के
Read Moreजमनादास जी साधना की तस्वीर देखते ही बुरी तरह चौंक गए थे । अमर के कमरे में उसकी तस्वीर
Read Moreअपने कुछ कपड़े बैग में डालकर अमर ने एक बार ध्यान से पूरे कमरे में नजर दौड़ाई ! कमरे
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