विकास के समांतर धरती को बचाने का संकल्प लेना होगा
सभ्यता की शुरुआत से ही प्रकृति और मनुष्य के बीच बहुत गहरा संबंध रहा है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं,
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Read Moreचीन के बाद भारत दूसरा बड़ा बांस उत्पादक देश है। मगर निर्यात के मामले में चीन हमसे अब भी बहुत
Read Moreमृत पेड़, जिन्हें अक्सर स्नैग के रूप में जाना जाता है, वन पारिस्थितिक तंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Read More1947 में भारत को आजादी मिलने के बाद से भारत के वन संसाधन हमेशा अतिक्रमण का शिकार रहे हैं। भूमि
Read Moreटिटहरी कोई साधारण पक्षी नहीं, बल्कि प्रकृति का मौन प्रहरी है। किसान उसके अंडों की संख्या, स्थान और समय देखकर
Read Moreशरद ऋतु वर्षा के बाद सितंबर से नवंबर तक विस्तृत होती है। यह ऋतु न तो अधिक गर्मी का बोझ
Read More“बारिश केवल राहत नहीं, जिम्मेदारी की भी परीक्षा है — बिजली से सावधानी, घर में रहकर सुरक्षा और समाज में
Read Moreबढ़ती जन संख्या तथा विभिन्न पहलुयों द्वारा इस का दुरउपयोग पानी का स्तर कम कर रहा है। पानी का प्रयोग
Read Moreसमुद्र के बिगड़ते पारिस्थितिकी तंत्र की समस्या को लेकर दुनिया भर के वैज्ञानिक आगाह करते रहे हैं। मगर मनुष्य के
Read Moreमनुष्य भौतिक लिप्साओं और आपाधापी की जिंदगी में प्रकृति में हो रहे सूक्ष्म परिवर्तनों को महसूस नहीं करता। साथ ही
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