खतरनाक मौसम में भी स्कूल खुले क्यों?
“बच्चों की सुरक्षा बनाम औपचारिकता का सवाल: जर्जर स्कूल भवन, प्रशासन की संवेदनहीनता और बाढ़-गंदगी के बीच पढ़ाई नहीं, जीवन
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Read Moreकक्षा की घंटी अब भारत के शहरों में एक स्कूल के दिन के अंत का संकेत नहीं देती है। कक्षा
Read Moreजब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है। हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले
Read Moreहरियाणा के विद्यालयों में अध्यापकों के सोलह हज़ार आठ सौ चालीस पद रिक्त हैं, जिनमें सर्वाधिक कमी हिन्दी विषय की
Read Moreहर चौथा पद खाली: पशु चिकित्सकों की कमी से जूझता भारत, ग्रामीण पशुपालन पर संकट और किसानों की आय पर
Read Moreआज शिक्षा केवल अंक और नौकरी तक सीमित हो गई है। नैतिक मूल्य और संस्कार बच्चों की प्राथमिकता से गायब
Read Moreशिक्षण संस्थान ज्ञान देने के साथ-साथ आदर्श आचरण के केंद्र भी होते हैं। लेकिन जब यहां कार्यरत महिला शिक्षिकाएं असुरक्षा,
Read Moreभारत में लाखों सरकारी विद्यालय जर्जर हालत में हैं। टूटी छतें, दरारों वाली दीवारें, पानी व शौचालय का अभाव—ये बच्चों
Read Moreअंग्रेजी, भारतीय शिक्षा बोर्डों में मुख्य विषयों में से एक सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) और आईसीएसई (भारतीय माध्यमिक शिक्षा
Read Moreहरियाणा सरकार ने कोविड काल में 700 करोड़ रुपये खर्च कर 5 लाख छात्रों को टैबलेट बांटे थे, जिनका उद्देश्य
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