शिक्षा का बदलता स्वरूप
शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान का संचय नहीं, बल्कि व्यक्ति को विवेकशील, संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाने की प्रक्रिया है। किंतु
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Read Moreगुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हिन्दी के वरिष्ठ कथाकार मनोज रूपड़ा के साथ
Read Moreहरियाणा की शिक्षा व्यवस्था आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ प्रश्न केवल संसाधनों की कमी का नहीं, बल्कि
Read Moreहर छात्र के जीवन में ऐसे दौर आते हैं जब किताब खुली होती है, आँखें पन्नों पर होती हैं, लेकिन
Read Moreउच्च शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल छात्रों को डिग्री देना या उन्हें एक निश्चित साँचे में ढालना नहीं है। इसका
Read Moreऐसे दौर में जब बच्चे डिजिटल मीडिया को अंतिम सत्य मानने लगे हैं, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में अखबार
Read Moreचिकित्सा शिक्षा बदल रही है। अतीत में, हमने शरीर रचना विज्ञान, फिजियोलॉजी और नैदानिक कौशल सिखाने पर ध्यान केंद्रित किया
Read Moreभारत में लड़कियों की स्कूली शिक्षा की कहानी आज़ादी के बाद के विकास‑वृत्तांत की सबसे जटिल और मार्मिक कड़ी है।
Read Moreटेक्नोलॉजी व उत्पादन क्षेत्रों में तेजी से हुए बदलावों के चलते साल 2025 में रोजगार परिदृष्य में कई बड़े परिवर्तन
Read Moreहरियाणा, जो अपने को खेल, सैनिक परंपरा और विकास के दावों के लिए जाना जाता है, वहाँ के सरकारी स्कूलों
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