स्वास्थ्य

घुटनों का दर्द

आजकल विशेषतः महिलाओं में और पुरुषों में भी घुटने के दर्द की समस्या आम है। इसके कई कारण होते हैं। शरीर का वजन अधिक होना सबसे बड़ा कारण है। वजन का सबसे अधिक प्रभाव घुटनों पर ही पड़ता है। जिनके कूल्हे का आकार और वजन बहुत अधिक है, उनके घुटनों में दर्द होना लगभग अवश्यंभावी […]

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

मेरा पहला मुक्तक भाजपा के महानायक आदरणीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के सम्मान में सादर समर्पित [1] हे राजनीति के युग पुरुष , तेरा लख-लख अभिनंदन तेरी अमोघ गौरव गाथा का , कण-कण करता वंदन नही धरा पर कोई सानी , राजनीति अरु कविता का राज नमन करे आपको , हे मलयागिरि शीतल चंदन […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मेरे स्वप्नों का गुरूकुल

ओ३म् महर्षि दयानन्द ने जिस शिक्षा पद्धति का समर्थन किया है वह गुरूकुल शिक्षा पद्धति है। महर्षि दयानन्द सुसंस्कारों व ज्ञान-विज्ञान से युक्त आधुनिक शिक्षा के भी समर्थक थे परन्तु इसके साथ ही वह वेद व वैदिक साहित्य के ज्ञान को सारे विश्व के लिए अपरिहार्य मानते थे। वेद और वैदिक ज्ञान से ही मनुष्य […]

कविता

कविता

लहलहाते हरे भरे पेड़ों की छाँव शहरों से लुप्त होते हरियाली के पाँव चाँद सितारों से सजी लगती तो है रात दिन के शोर में गुम हो जाती है शान्ति की हर बात जाने और कितना सफल होगा अभी इन्सान कि धरती पर अच्छे लगने लगे उसे बस ऊँची इमारतें और मकान — कामनी गुप्ता

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल-अगर हो सके तो

इनायत तू करना अगर हो सके तो अदावत ना करना अगर हो सके तो| तेरा मेरा वादा हुआ था कभी जो उसे याद करना अगर हो सके तो| भले प्यार से अपने महरूम कर दो ना अज़ाब करना अगर हो सके तो| सदाएं मेरी मेरी कर दी अनसुनी तुमने अना अब ना करना अगर हो […]

आत्मकथा

स्मृति के पंख – 24

हम दोनों गढ़ीकपूरा पहुँचे। जैसा सुना था वैसा ही देखा। गुरुद्वारा के पास ससुर को मिला। मिलेट्री का पहरा लगा था, फिर भी ऐसी सख्ती न थी कि कोई मिलकर बातचीत न कर सके। तजवीज हुआ कि सामान और कौशल्या को मैं साथ ले जाऊँ। उन्होंने कहा मरदान कैम्प में हमारे जाने का ख्याल है। […]

कुण्डली/छंद

ताजी खबर : ताजी कुंडलिया

मैगी वाला मामला, पकड़ चुका है तूल। मानव धन के सामने, भूला सभी वसूल। भूला सभी वसूल, नहीं चिंता बंदोँ की। जो भी करें प्रचार, कहें क्या उन अंधोँ की। कह ‘पूतू’ कविराय, लगाना मुँह में ताला। जहर परोसे रोज, सुनो जी मैगी वाला॥

हाइकु/सेदोका

कुछ हाइकू

1. ताकत नहीं प्यार से जुड़ती है रिश्तो की लड़ी 2. ना छटपटा दिल का दिया जला/ जला दिल का दिया मन बावरे 3. घर घर में विद्या दीप जलाएं तम मिटाएँ । 4. जान ले सच भ्रूण हत्या पाप है पाप से बच 5. चीखे पुकारे गर्वशय में शिशु जिसे तू मारे

कविता

कविता

रूह को अपनी यूं इतना बेचैन ना कर कैद हैं जो मंजर बेवजह आँखो मे तेरी फुर्सत मिले तो उन्हे आज़ाद तो कर खुद की मेहनत से ढूंढ ले अब राहें मंज़िल के लिए किस्मत को बदनाम ना कर करती हैं सवाल कभी कभी तन्हाईयां भी खुद से परछाई पे अपनी इतना ऐतवार तो कर […]

कविता

कविता : मुश्किल दौर

जब भी लगे कि, नहीं गुजर रहा , मुश्किल दौर, जीवन का ऐ दोस्त, तो हौसला ना हारना, तू कभी l   क्योंकि है दौर कौन सा, जो नहीं गुजरा, आज तक, गुजर गया, जो दौर कल था, और गुजर जायेगा, वो भी, जो दौर आज है l   याद करना, तू अतीत को, जब […]