कविता

तुम और मैं

तुम अपने दु:ख से जूझो मैं अपने दु:ख से जूझूँ हताश नहीं हैं हम एक दिन तो खुशियां पाएंगे   तुम अपना ज़ोर लगाओ मैं अपना दम भर लूँ कमज़ोर नहीं हैं हम एक दिन सफल हो जाएंगे   तुम मेरे आँसू पोंछो मैं तेरे आसूँ पी लूँ कुछ और नहीं हो तो एक-दूजे के […]

कहानी

एक ही लिहाफ़

“शिमला! तुमने माँ को शिमला जाने के लिए क्यूँ कहा?” “यहीं रखा है फोन। लगा लो माँ को, और बोल दो कि शिमला न जाएं।“ “अरे शिमला जाने, न जाने की बात आई कहाँ से। कैसा लगेगा माँ को? क्या सोचेंगी वो?” अरू ने मुँह फेरते हुए कहा “कैसा लगेगा? क्या सोचेंगी? अपने बड़े बेटे […]

संस्मरण

मेरी कहानी 134

मैं हर सुबह जब बिस्तर से निकल कर नीचे आता हूँ तो सब से पहले बीबीसी ब्रेकफास्ट शो देखता हूँ ताकि आज की ताज़ा खबर देख लूँ। हर आधे घंटे बाद ख़बरें और आज का मौसम बताते ही रहते हैं लेकिन मैं जल्दी से टैलिटैक्स पर सभी ख़बरें, मौसम का हाल और करंसी रेट देख […]

गीत/नवगीत

गीत : दामन मेरा खुशियों से भर-भर जाए

फिर क्यों ना दामन मेरा खुशियों से भर-भर जाए तेरी करूणा के बादल बरसे मैंने जब-जब हाथ फैलाए सुख के समय तो मैंने कभी ना इक पल तुमको याद किया अपने झूठे अहंकार में जीवन ये बर्बाद किया लेकिन तुम ही बने सहारा जब आँख में आँसू आए तेरी करूणा के बादल बरसे मैंने जब-जब […]

गीत/नवगीत

मना लो जश्न अभी आज ही

गीत कोई अच्छा सुनने को मिले, तो झूम लेती हूं अच्छी-सी कोई धुन कानों में पड़ जाए, तो ठुमका लगा लेती हूं साज़ कोई सुरीला मिले, तो बजा लेती हूं हंसने का कोई बहाना मिले, तो हंस लेती हूं खुश होने का कोई बहाना न मिले, तो यों ही खुश हो लेती हूं छोटी-सा ही […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति लेख

मोदी जी क्या क्या करेंगे!

मेघालय के छोटे से गांव मावलिननॉन्ग में प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित है, यहां की सड़क के किनारों पर फूलों की कतारें दिखाई देती हैं। ऐसी ही कई और निराली बातें इस गांव से जुड़ी हुई हैं जो इसे एशिया का सबसे साफ सुथरा गांव बनाती हैं। हालांकि इस जगह की यह प्रतिष्ठा अपने साथ […]

ब्लॉग/परिचर्चा

यहीं रहूंगी

आज एक समाचार पढ़ा- ”अक्षय ने बातचीत में कहा, ‘मैं एक तमिल फिल्म कर रहा हूं, पंजाबी फिल्म में भी काम कर रहा हूं, हॉलिवुड में क्या रखा है! मैं पश्चिम की ओर नहीं दक्षिण की ओर जा रहा हूं.’ उन्होंने कहा, ‘दुनियाभर के कलाकार भारतीय फिल्मों में आकर काम कर रहे हैं तो मैं […]

कहानी

“कहानी”

“शादी नहीं, समझौता है” यूं तो आज मोना के जिंदगी का सबसे खुशी का दिन है पुत्र रत्न की प्राप्ति जो हुई है। ऐसे खुशी के मौके पर उतरा हुआ चेहरा देखकर नर्स ने पूछा अरे आप आज उदास क्यों हैं। चिंता मत करिए दीदी मैं आप से नेग नहीं मागूंगी लेकिन आप खुश रहिए, […]

कविता

“पद”

  बनवारी यह तोरी माया साथी सखा तबहिं मन भाए, जब हो तुमरी दाया। लपट कपट काके मन नाहीं, दिय हरि कमली काया।। करम धरम की बेड़ी लागी, तापर प्रेमी छाया लोभ क्रोध चिंता का ताला, चाभी मोहक माया।। कस खोलूं आपन दरवाजा, बिनु आहट के भाया कुण्डी मोर बजाओ मोहन, दरशन दो हरि राया।। […]

कविता

कविता : अजनबी

एक अजनबी और, कभी अपना सा, दिल की देहरी पर जो, दस्तक देता है बार बार। अजीब सी कश्मकश है, कैसे यकीन कर लूँ, और खोल दूँ, वो वर्षों से बन्द द्वार। छुपाई है भीतर जिसके, तनहाइयां अपनी, और दबा रक्खा है, दर्द हज़ार। अधूरी ख्वाहिशें हैं , और अनचाही बंदिशें, निकलना चाहती हूँ मैं […]