Monthly Archives: May 2016

  • तुम और मैं

    तुम और मैं

    तुम अपने दु:ख से जूझो मैं अपने दु:ख से जूझूँ हताश नहीं हैं हम एक दिन तो खुशियां पाएंगे   तुम अपना ज़ोर लगाओ मैं अपना दम भर लूँ कमज़ोर नहीं हैं हम एक दिन सफल...

  • एक ही लिहाफ़

    एक ही लिहाफ़

    “शिमला! तुमने माँ को शिमला जाने के लिए क्यूँ कहा?” “यहीं रखा है फोन। लगा लो माँ को, और बोल दो कि शिमला न जाएं।“ “अरे शिमला जाने, न जाने की बात आई कहाँ से। कैसा...



  • मना लो जश्न अभी आज ही

    मना लो जश्न अभी आज ही

    गीत कोई अच्छा सुनने को मिले, तो झूम लेती हूं अच्छी-सी कोई धुन कानों में पड़ जाए, तो ठुमका लगा लेती हूं साज़ कोई सुरीला मिले, तो बजा लेती हूं हंसने का कोई बहाना मिले, तो...

  • मोदी जी क्या क्या करेंगे!

    मोदी जी क्या क्या करेंगे!

    मेघालय के छोटे से गांव मावलिननॉन्ग में प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित है, यहां की सड़क के किनारों पर फूलों की कतारें दिखाई देती हैं। ऐसी ही कई और निराली बातें इस गांव से जुड़ी हुई...

  • यहीं रहूंगी

    यहीं रहूंगी

    आज एक समाचार पढ़ा- ”अक्षय ने बातचीत में कहा, ‘मैं एक तमिल फिल्म कर रहा हूं, पंजाबी फिल्म में भी काम कर रहा हूं, हॉलिवुड में क्या रखा है! मैं पश्चिम की ओर नहीं दक्षिण की...

  • “कहानी”

    “कहानी”

    “शादी नहीं, समझौता है” यूं तो आज मोना के जिंदगी का सबसे खुशी का दिन है पुत्र रत्न की प्राप्ति जो हुई है। ऐसे खुशी के मौके पर उतरा हुआ चेहरा देखकर नर्स ने पूछा अरे...

  • “पद”

    “पद”

      बनवारी यह तोरी माया साथी सखा तबहिं मन भाए, जब हो तुमरी दाया। लपट कपट काके मन नाहीं, दिय हरि कमली काया।। करम धरम की बेड़ी लागी, तापर प्रेमी छाया लोभ क्रोध चिंता का ताला,...

  • कविता : अजनबी

    कविता : अजनबी

    एक अजनबी और, कभी अपना सा, दिल की देहरी पर जो, दस्तक देता है बार बार। अजीब सी कश्मकश है, कैसे यकीन कर लूँ, और खोल दूँ, वो वर्षों से बन्द द्वार। छुपाई है भीतर जिसके,...