मुक्तक/दोहा

मुक्तक

“मुक्तक” गैरों ने भी रख लिया, जबसे मुँह में राम। शुद्ध आत्मा हो गई, मिला उचित अभिराम। जिह्वा रसमय हो गई, वाणी हुई सुशील- देह गेह दोनों सुखी, राघव चित आराम।। दर्शन कर अवधेश के, तरे बहुत से लोग। राम जानकी मार्ग पर, काया रहे निरोग। निर्भय होकर चल पड़ो, अंधेरी हो रात- मंजिल मिल […]

पर्यावरण

‘पृथ्वी जैसे’ ग्रह खोजने का दावा

प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर ‘ में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और बेल्जियम यूनिवर्सिटी ऑफ लेज के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से अन्वेषण कर हमारी पृथ्वी से लगभग 40 प्रकाश वर्ष दूर ट्रैपिस्ट-1नामक एक छोटे और ठंडे तारे के पास तीन ग्रहों को खोजने का दावा किया है, जो ‘हमारी शस्य […]

लघुकथा

लघुकथा – पुस्तकें

“हिन्दी साहित्य का सम्मान उत्तम सृजन के लिये आपको मिला है! कैसा लग रहा हैं इस सम्मान को पाकर ? “मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा हैं इस  सम्मान को पाकर”! “मेरी माँ का बहुत बड़ा योगदान हैं! जब मैं सात साल की थी, तब स्कूल में गर्मी की छुट्टियाँ होने पर, माँ  मुझे शहर […]

राजनीति

भारतीय रिज़र्व बैंक और सरकार

1949 में अपनेे वर्तमान स्वरूप में आने से लेकर अब तक कभी भी भारत सरकार ने एक मुश्त इतनी बड़ी रक़म (एक लाख छिहत्तर हज़ार करोड़ रुपए) रिजर्व बैंक के आकस्मिक निधि से नहीं ली है।चीन युद्ध के समय रिज़र्व बैंक की आकस्मिक निधि से कुछ धन लिया गया था। ये रिज़र्व बैंक के इतिहास […]

कविता

तूफान

बहते हुए तूफान में मैं भी बहता रहा, कभी तूफान बन कर कभी दरिया की नाव बनकर। लोग सोचते रहे, मैं डूब गया। किसी गुमनाम तैराक की तरह। पर स्थिर रहा मैं, किसी अडिंग चट्टान की तरह। टकराता रहा मैं भी, तूफानी दरिया के पानी की तरह। कभी एक किनारे से दूसरे किनारे। कभी एक […]

कविता

फिक्र

कहना बहुत आसान है तनिक फिक्र न करो. जैसे सब कुछ सहो फिर कहो जिक्र न करो. फिक्र इंसान की अनचाही मानसिक फितरत है. उससे मुक्त हो सकें नहीं सबमें इतनी कूव्वत है. फिक्र दूर करने की कवायद का नतीजा है दुनिया. चल अचल सब कुछ नश्वर है समझा गए हैं गुनिया. पर इंसान संग्रह […]

कविता

नव संकल्प

जीवन में कुछ करना है तो नये नये संकल्प लेने होंगे, नयी-नयी आशायें नव स्वप्न हम रोज बुन चलें नयी -नयी धारायें। केवल अपने लिए नहीं है। अपना यह जीवन देश, राष्ट्र की सेवा में हो अर्पित यह तन-मन। जूठन की ढेर में चावल के दाने को ढूंढती नन्हीं-नन्हीं उंगलियां। सूखती अंतड़ियों के लिए भी […]

लघुकथा

भाई कौन

” सुनो वो रमन है न वो अपनी सभी की उसके यहां जाने की टिकिट करवा रहा है “। ” कौन रमन ?? ” वो मेरा भाई धर्म का जिसको आप जानते तो हो । यहाँ आया तो था राखी पर “। ” अच्छा वो आदमी … तो वो आदमी करवा रहा है टिकिट “। […]

लघुकथा

पीड़ा

”तुम तो अनगिनत बेटों-बेटियों की मां हो सृजनदायिनी सृष्टि, फिर उदास क्यों हो?” ”मैं तो अपनी बात बताऊंगी ही, पर तुम भी तो जन्मदायिनी मां होकर उदास हो, कारण जान सकती हूं?” धरिणी ने सवाल पर सवाल उछाला. ”मैं भले ही मां हूं, पर एक समय भाग्यवान पुकारते-पुकारते न थकने वाले मेरे पति मुझे अब अभागिनी और […]

लघुकथा

कहने भर से प्यार नहीं होता

सुषमा : दीदी, आज राज ने मुझे प्रोपोज़ किया है … पर मैं बहुत कन्फ्यूज़ हूँ … यूं तो घड़ी-घडी “I love you !” कहता है … पर ….अच्छा दीदी … कैसे पता चले की कोई आपको वाक़ई चाहता है की नहीं … उज्ज्वला : सुष .. अगर सचमुच तुम किसी के एहसास की गहराई […]