संस्मरण

विजया दशमी

विजया दशमी । साल 2017 के दशहरे का दिन । दुर्गा पूजा का आख़िरी दिन। ‘माँ हमें शक्ति और बुद्धि दोनों प्रदान करो’ की शब्दजाप लिए श्रद्धालु आशीष माँगते रहे ! इस दिन हम प्रतीक रूप में रावण, कुम्भकर्ण, मेघनाद जैसे बुराइयों को श्रीराम, श्रीलक्ष्मण, श्रीहनुमान इत्यादि अच्छाइयों के प्रतीकों से ‘होम’ कराते हैं ! […]

बोधकथा

घरेलू हिंसा

क्या गाँधीजी ने भी पत्नी (कस्तूर बा) पर हाथ उठाये थे ? तब गाँधीजी उड़ीसा दौरे पर थे, तब पुरी के मंदिर में अनुसूचित जाति के लोगों की प्रवेश पर रोक थी । गाँधीजी ने कस्तूर को यह निर्देश दे रखा था कि वह ऐसी किसी भी जगह नहीं जाय, जहाँ जातिवाद, छुआछूत व भेदभाव […]

सामाजिक

अपने-अपने मूल्य

हम से कितने हैं, जो अपने आसपास रह रही ऐसी माँ और उनकी संतानों को पर्व-उत्सवों में नए परिधान स्वत: व बिनमाँगे देते हैं ? मैं खुद 30 वर्षों से किसी पर्व-त्योहारों में नए परिधान न तो सिलवाता हूँ, न ही खरीदता हूँ और न ही पहनता हूँ…. •••••• ‘पंडालों’ में जो करोड़ों की राशि […]

राजनीति

आवाज की जादूगरनी : जब वह जीवित थी

माननीया सुषमा स्वराज की स्वर, वक्तृत्व-कला, ओजस्वी वाणी और  वाकपटुता के कायल हिंदी संसार हैं । मैं तो उनकी इस पटुता के प्रति दीवानगी की हद तक हूँ । आज वे विदेश मंत्री हैं, मोरारजी देसाई की सरकार में राज्यमंत्री थी, तो वाजपेयी जी की सरकार में कईतरह की कैबिनेट मंत्री रही, दिल्ली की मुख्यमंत्री […]

इतिहास

हम हैं यहाँ के सिकंदर

अभिनेता ‘टॉम ऑल्टर’ हमेशा याद आएंगे…. मैं हमेशा उस टी.वी. सीरियल को देखा हूँ, देखता आ रहा हूँ । हाँ, मैंने उस धारावाहिक के सभी एपिसोड को सहेज रखा है । उस सीरियल की जितनी तारीफ करूँ, कम है ! कोई भी छात्र-छात्रा अपने-अपने अक्स को उस धारावाहिक में उतरते देख सकते हैं । ब्रिटिश […]

समाचार

जहाँजेब की रिपोर्ट

श्री जहांजेब की वर्ष 2012 की रिपोर्ट। कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड निवासी सदानंद पॉल न सिर्फ शिक्षित हैं, बल्कि सूचना का अधिकार के तहत लोक सरोकारों से जुड़ी जानकारियों को भी लगातार हासिल कर रहे हैं। सदानंद पॉल शिक्षा तथा जन अधिकार प्रेमी हैं। लोक गाथा गोपी चंद पर भारत सरकार से फेलोशिप भी […]

राजनीति

अतिथि शिक्षकों का भविष्य

बिहार के विद्यालयों में जो ‘अतिथि शिक्षकों’ की बहाली हो रही है, इसकी ‘नियमावली’ किसी के पास है, तो comment box में post करने की कृपा करेंगे! इसतरह के ‘अतिथि शिक्षक’ का क्या भविष्य है ? इसतरह इस आतिथ्य कार्य हेतु अटकाए जाकर सरकार इन्हें दिनभर अन्य तैयारी भी करने नहीं दे रहे हैं । […]

सामाजिक

रहवासी बातें

‘विश्व हृदय दिवस’ (29 सितम्बर) के सुअवसर पर हृदयानुरागी मित्रो तथा उन्हें भी जिसने मुझसे ‘दिल’ (हृदय) से दगा दिए- को शुभकामनाएं ! •••••• ब्रिटेन के एक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स वेबसाइट RHR-UK ने मेरे 11 ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ को शामिल किया है । हृदय से धन्यवाद RHR-UK. •••••• वर्ष 2019 में 91 वर्षीया लता दीदी की आवाज […]

सामाजिक

ठेस से मनमानी तक

रेडियो नाटक ‘ठेस’ सुन रहा हूँ…… कहानी तो पढ़ा ही था ! रेणु जी की कहानी ‘ठेस’ पर आधारित है । ठेस ने सिरचन जैसे स्वाभिमानी कलाकार को जन्म दिया है । हाँ, सिरचन चिक, सीतलपाती आदि बनाते हैं! वह पैसे के लिए काम नहीं करता है, वह प्रेम और खाने के लिए कार्य करता […]

सामाजिक

राष्ट्र सर्वोपरि

राष्ट्र से ऊपर कोई भी धर्म या जाति नहीं हैं । राष्ट्र से ऊपर कोई भी धर्म या जाति नहीं हैं । मानव सेवा से भी बढ़कर राष्ट्र की सेवा है। अगर देश ही नहीं रहेगा, तो हम कहां रह पायेंगे? तब हमारी मानसिकता गुलामी से जकड़ जायेगी । इसलिए जरूरी है कि मंदिरों में […]