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  • जलता कश्मीर

    जलता कश्मीर

    क्यारियाँ केसर की रक्तिम हो गयी संवेदनायें मानव हृदय की सो गयी थी घाटी जो कभी जन्नत सी सुन्दर आतंक के कारण जहां से खो गयी धरा लाल चौक की खून से सनी है सरकार फिर...

  • कालाधन बनाम मोदी

    कालाधन बनाम मोदी

    नींद हराम कर चोरों की हँस रहे हो तुम आमजन के हृदय में रच बस रहे हो तुम लोग उठा फिर रहे कालाधन यहाँ- वहाँ दे नवीन निर्देश शिकंजा कस रहे हो तुम आज दे रहे...

  • रोता होगा भगत

    रोता होगा भगत

    रोता होगा भगत देश का हाल देखकर नेताओं की नित बदलती चाल देखकर नि:संदेह ये तुम्हारे सपनों का देश नहीं अन्यथा बदल जाता यूं ही परिवेश नहीं अपने ही देश में उग्रवादी कहते हैं तुम्हें रहा...

  • गीतिका

    गीतिका

    मरघट के सन्नाटे में आवाज लगाने निकला हूँ मुरदों को नव-जीवन का राज बताने निकला हूँ संवेदनाहीन हुआ है जो मनुज हृदय पाषाण सम उस उर में पर पीड़ा की आग जलाने निकला हूँ नारी रुदन-क्रंदन...

  • मुलाकात होली में

    होगी उन से फिर मुलाकात होली में होगी नैनों से नैनों की बात होली में होंगे बरसों बाद फिर आमने-सामने जाने संभलेंगे कैसे ज़ज्बात होली में छुअा था तुमने जो गुलाल के बहाने बन गये थे...

  • पागल

    पागल

    पागल़़…!!! यही कहता है जमाना । हटकर लीक से जो हूँ कर नहीं पाता कदम-ताल जमाने संग होता नहीं सहन अन्याय…अत्याचार हो किसी संग भी । बिना डरे अंजाम से जताता हूँ विरोध भ्रष्टाचार के विरुद्ध...

  • बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ

    बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ

    लिया तूने जब जन्म, फोड़ी क्यों हाँडी काली जन्म संग मिली नफरत, न गई नाज से पाली लड़का लेता जन्म जब, रौनक चेहरे पर आती करें बच्चों में भेदभाव, जगत की रीत निराली समझते क्यों बोझ...

  • आया नव-वर्ष

    आया नव-वर्ष

    फिर आया नव-वर्ष, ले परम उत्कर्ष चंहु ओर होंगी खुशियाँ-बधाईयाँ नव-वर्ष जो आया है फिर हर वर्ष की भाँति भूल जायेंगे सब वो चीत्कार …सिसकती नारियों की गौण हो जायेंगे फिर से बलात्कार, दुराचार, तेजाबी हमले...

  • गीतिका

    गीतिका

    तेरी चाह में कुछ कर जाऊं तो अच्छा यूं तनहा जीने से मर जाऊं तो अच्छा जब माली ही न रहा इस गुलशन का टूट शाख से बिखर जाऊं तो अच्छा प्यार तेरा न पा सका,...

  • एक गीतिका

    एक गीतिका

    बीती शब तेरी जो घर में चैन से सोकर रात गुजरी तमाम वो मेरी तनहा रोकर भुला दो तुम मुझे अब ये तो मुमकिन है जीना मुमकिन नहीं मेरा तुमको खोकर मिले मुझ को जमाने से...