मुक्तक/दोहा

अनेकता में एकता

आप लोग इस समूह को आगे बढायें, अनेकता में एकता जहां को दिखायें। हैं आप लोग इस देश का भविष्य, आने वाले भविष्य को सुन्दर बनायें। ———————— फुल की तरह हमेशा चहकते रहें। पंखुड़ियों की तरह खुशबू बिखेरते रहें। हमेशा अपने सहेलियों के साथ खुशबू जी। लोगों को अच्छा संदेश सुनाते रहें।।

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

नई भोर की सतरंगी छवि नई कविता लिखता है कवि गढ़ते है शब्द उकेरे चित्र निकलता जब बादलो से रवि आँखों में सपने लिए स्वागत नये वर्ष का नई किरण के साथ रवि आया नये वर्ष का सबके सपने सजे खुशियाँ मिले अनंत तो करो स्वागत दो हजार पन्द्रह नये वर्ष का