Category : ब्लॉग/परिचर्चा

  • रक्तदान: दे सकता है जीवनदान

    रक्तदान: दे सकता है जीवनदान

    आज विश्व रक्तदान दिवस है. कुछ लोग सोचते हैं कि ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे कई तरह के साइट-इफेक्ट हो सकते हैं. दरअसल, लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं जिसके कारण वे रक्तदान...

  • तीन कसौटियां, तीन कारण

    तीन कसौटियां, तीन कारण

    तब की बात- तीन कसौटियां प्राचीन यूनान में सुकरात अपने परीक्षण के लिए बहुत प्रसिद्ध थे. वह बिना परीक्षण किए किसी बात को नहीं मानते थे. एक दिन उनका एक परिचित उनसे मिलने आया और बोला,...

  • जिसका डर था वही हुआ – शर्मिष्ठा

    जिसका डर था वही हुआ – शर्मिष्ठा

    ढेर सारी आशंकाओं, अपेक्षाओं, आपत्ति और पूर्वाग्रहों के बावजूद आखिर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी साहब ने नागपुर के संघ कार्यालय के आमंत्रण को स्वीकारते हुए, वहां पहुँच गए और उन्होंने वही कहा जो उन्हें कहना चाहिए...


  • इंसानियत यहां रहती है

    इंसानियत यहां रहती है

    एक पाठक बंधु ने हमें अनमोल वचन का एक पोस्टर भेजा था, जिसमें एक बच्चा एक प्यास से तड़पते बच्चे को अपनी बोतल से पानी पिलाकर बहुत खुश हो रहा है, वह इस बात से अनजान...


  • चार साल बेमिशाल!

    चार साल बेमिशाल!

    रामचरित मानस में धनुष भंग के बाद लक्ष्मण-परसुराम संवाद बड़ा रोचक प्रसंग है जहाँ परशुराम लक्ष्मण को अपने बारे में बहुत कुछ बतलाने के बाद भी विश्वामित्र मुनि से कहते हैं –   कौसिक सुनहु मंद यहु...

  • एक छोटा-सा करवट पुराण

    एक छोटा-सा करवट पुराण

    शीर्षक ”एक छोटा-सा करवट पुराण” आपको कुछ अजीब-सा लग रहा होगा न! हमें भी लग रहा है. हमें यह शीर्षक हमारे एक पाठक राजकुमार कांदु की प्रतिक्रिया से मिला. हमारे ब्लॉग ‘करवट’ में प्रतिक्रिया लिखते हुए...


  • जन-जन का सहकार-3

    जन-जन का सहकार-3

    जन-जन का जब हो सहकार, मिल सकता आनंद-उपहार. साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना  एक अकेला थक जायेगा मिल कर बोझ उठाना  साथी हाथ बढ़ाना———- इसी हाथ बढ़ाने का दूसरा नाम है- जन-जन का सहकार. जन-जन...