Category : ब्लॉग/परिचर्चा

  • अर्थ डे और हम

    अर्थ डे और हम

    आज सुबह उठते ही मुझे याद आया, कि आज अर्थ डे यानी पृथ्वी दिवस है. अर्थ डे के साथ ही याद आई जेन गुरु की एक छोटी-सी प्रेरक कहानी- “एशिया में आम तौर पर लोग ठंडे...

  • भारत का सुहाना सफर

    भारत का सुहाना सफर

    ”जिंदगी इक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो क्या किसने जाना!” फिल्म अंदाज के लिए किशोर कुमार का गाया हुआ यह गीत आज भी उतना ही दिलकश लगता है, जितना 1971 में, जब यह फिल्म...


  • अर्थ ऑवर: आज की आवश्यकता

    अर्थ ऑवर: आज की आवश्यकता

    आज अर्थ ऑवर है. ग्लोबल वॉर्मिग के खतरे से धरती को बचाने के लिए हर वर्ष मार्च में अर्थ ऑवर मनाया जाता है. पूरे विश्व में इस दिन लोग धरती को बचाने के लिए कार्बन डॉयक्साइड...


  • राजनीति के बदलते स्वरुप

    राजनीति के बदलते स्वरुप

    राजनीतिक धारणाएं किस तेज़ी से बदलती हैं- इसका प्रमाण इसी मार्च महीने ने दिया. जब त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड जैसे छोटे-छोटे राज्यों के चुनावी नतीजे आए तो बीजेपी की अजेयता का मिथक जैसे और दृढ़ हो...

  • असीम साहस की जीती-जागती मिसाल

    असीम साहस की जीती-जागती मिसाल

    आज हम आपसे राजेंद्र प्रसाद जी के बारे में बतिया रहे हैं. राजेंद्र प्रसाद जी का नाम आते ही हमारा और आपका ध्यान स्वतंत्र भारत देश के प्रथम राष्ट्रपति स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद जी की ओर जाता...

  • अलंकार

    अलंकार

    शब्द और अर्थ को सौंदर्य दे जो, मन पर अधिक प्रभाव डालती, साहित्य की वह वर्णन-शैली, स्वतः ही अलंकार कहलाती. शब्दों में हो रमणीयता और बाह्य सौंदर्य में वृद्धि करें, अनुप्रास, यमक, श्लेष आदि, शब्दालंकार के...