इतिहास लेख

भोला पासवान शास्त्री : नर्त्तक और राजनेता

बिहार के मुख्यमंत्री रहे, कोढ़ा के विधायक रहे, स्वतंत्रता सेनानी स्व. भोला पासवान शास्त्री के परिवार भी कुछ दिन पहले तक चिकेन की दुकान चलाते थे ! अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के पारिवारिक सदस्य कोलकाता में चाय की दुकान चलाते हैं ! वे मूलगैन और नर्त्तक भी थे। सर्वप्रथम ऐसे स्वतंत्रता सेनानी परिवार […]

इतिहास लेख

महान शिक्षाविद मधुसूदन पॉल पटवारी

स्व. मधुसूदन पॉल एक वरेण्य शिक्षाविद् , बांग्ला और कैथी लिपि में भारती व हिंदी भाषा के गंभीर भाषाविद् , मुखर राष्ट्रवादी, विश्व के सबसे प्राचीन व सनातन धर्म हिन्दू के अध्यात्म चिंतक तथा सन्तमत सिद्धांत के सह लेखक थे. मनिहारी में गंगा के उत्तर तराई क्षेत्र, दक्षिणी पश्चिमी महानंदा के कछार और कोसी छाड़न […]

इतिहास

वीर विनायक दामोदर सावरकर जयंती विशेष 28 मई

युगपुरुष वीर विनायक दामोदर सावरकर एक हिंदुत्ववादी राजनीतिक चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी रहे। अपने स्वतंत्र विचारों को अभिव्यक्त करने में उन्होंने कभी किसी प्रकार का संकोच नहीं किया। लंदन से उच्च शिक्षित होने के बाद भी भारत के स्वाधीनता की चिंगारी उनके अवचेतन मन में धधकती रही। इसी कारणवश क्रांतिकारी गतिविधियों में उनकी अभिरुचि रहे […]

इतिहास लेख

शहीद ‘भारतरत्न’ प्रधानमंत्री : मिस्टर क्लीन से मिस्टर बोफ़ोर्स !

21 मई 1991 : ‘राजीव गांधी’ तब पूर्व प्रधानमंत्री थे। हिंदी फ़िल्म ‘मद्रास कैफ़े’ में राजीव-हत्या के कारणों और हत्या की जघन्यतम स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया गया है! भारतीय तमिलों के एक समूह ने श्रीलंकाई तमिल का पक्ष लेकर व समर्थन देकर यानी दूसरे देश के लिए अपने देश के लोगों ने इतिहास […]

इतिहास लेख विज्ञान

गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह : जबतक जीवित रहे, किसी ने सम्मान नहीं दिए !

महान गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह अब हमारे बीच नहीं है । दुनिया ने इनकी प्रतिभा का लोहा माना, भारत ने भी माना, किन्तु पत्नी ने नहीं माना ! मानसिक रूप से असंतुलित होने पर उनका इलाज किसी स्तर से भी ठीक से नहीं हो पाया, न ही उन्हें जीते जी पद्म अवार्ड ही मिल […]

इतिहास लेख

स्वामी श्रद्धानंद

23 दिसम्बर 1926 को आर्य समाज के वरेण्य प्रचारक स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के निवास स्थल पर अब्दुल रशीद नाम के एक कट्टर व उन्मादी मुस्लिम ने धर्म-चर्चा के बहाने उनके कक्ष में प्रवेश करके उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। उसे बहुत बाद में फांसी की सजा हुई। ध्यातव्य है, सैनिको को पत्थर मार-मार कर उनकी […]

इतिहास लेख

स्वर और लय के भारतीय गायक

वर्ष 1924 के 24 दिसम्बर को मोहम्मद रफ़ी का जन्म हुआ, किन्तु 56 वर्ष की आयु भी पूर्ण नहीं कर सके और 31 जुलाई 1980 को इस पार्थिव दुनिया से रूहानी दुनिया की ओर कूच कर गए । मैं पूरी दुनिया की गीतों को सुना तो नहीं हूँ, किन्तु इतना तो तय है, वे हिन्दी […]

इतिहास

लेख – जापान

जापान, एशिया महाद्वीप में स्थित देश है। जापान चार बड़े और अनेक छोटे द्वीपों का एक समूह है। ये द्वीप एशिया के पूर्व समुद्रतट, यानि ये प्रशांत महासागर में स्थित हैं। इसके निकटतम पड़ोसी चीन कोरिया तथा रूस हैं।जापान में वहाँ का मूल निवासियों की जनसंख्या ९८.५% है। बाकी 0.5% कोरियाई, 0.4 % चाइनीज़ तथा […]

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ओम पुरी : मजदूर से ‘सर’ की उपाधिधारक अभिनेता का सफ़र

जो लोग अपने चेहरे के कारण अपने आप को शर्मिंदा महसूस करते हैं, उन्हें ‘ओम पुरी’ सरीखे चेहरे से सबक लेनी चाहिए । उनके बारे में उनके अजीज दोस्त नसीरुद्दीन शाह ने कहा था–‘ओम मुँह में काठ का चम्मच लेकर पैदा हुआ ।’ बकौल, शबाना आज़मी– ‘वॉलीवुड में ऐसे चेहरे-मोहरे का होना भी यह दर्शाता […]

इतिहास लेख

डाकटिकटों पर महापुरुषों के जीवन-दर्शन प्रकाशित हो

मृत्यु के बाद कृतित्व ही ‘अमर’ रहता है । साहित्यकार और वैज्ञानिक अपने कृतित्व के कारण ही अमर हैं । अपने आविष्कार ‘बल्ब’ के कारण थॉमस अल्वा एडिसन जगप्रसिद्ध हुए हैं, जगदीश चन्द्र बसु तो ‘क्रेस्कोग्राफ’ के कारण अमर हैं । आज गोस्वामी तुलसीदास से बड़े ‘रामचरित मानस’ है और ‘मैला आँचल’ है तो  फणीश्वरनाथ […]