ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति सामाजिक

महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध : दोषी कौन ?

उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के अधिकांश प्रांतों में महिलाओं के प्रति बर्बर अपराधों की संख्या मेें चुनावों के बाद अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। यह बेहद चिंता व शर्म का विषय है। विशेषकर उत्तर प्रदेश में आधी आबादी के लिए जीना मुहाल हो गया है। उप्र में महिलायें व युवतियां कहीं पर भी सुरक्षित नहीं […]

ब्लॉग/परिचर्चा लेख सामाजिक

पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति का संवाहक है ‘फादर्स डे’

वर्तमान समय में जब पूरे विश्व में आर्थिक उदारीकरण और ग्लोबलाइजेशन का दौर चल रहा है उस समय कुछ नयी संस्कृति के पर्वों और डे का उदय हो रहा है। आज का युग मीडिया का युग है। आधी से अधिक वैश्विक संस्कृति मीडिया के प्रचार- प्रसार से अधिक प्रभावित हो रही है। प्रतिदिन कोई न […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

आने वाले संकट का सामना करने को तैयार देश

किसी भी देश में प्राकृतिक और अप्राकृतिक संकट आना साधारण बात है. अगर उस देश की सरकार जागरूक हो और समय रहते किसी संभावित संकट का सामना करने कि तैयारी कर ले, तो बड़े से बड़े संकटों का सरलता से मुकाबला किया जा सकता है और उसके कारण होने वाली हानि को कम से कम […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

अपने जीवन को बदलिए, सिर्फ़ एक दिन में

इन्सान खु़शी, कामयाबी और सेहत चाहता है। वह अपने सम्बंधों में प्रेम और अपने जीवन में विकास चाहता है और यह सब शान्ति के समानुपाती है। इन्सान जितना ज़्यादा शान्ति से भरपूर होगा, उतना ही ज़्यादा वह ख़ुशी, कामयाबी, सेहत, प्रेम और विकास से भरा हुआ होगा। शान्ति हर इन्सान की सबसे बड़ी बुनियादी ज़रूरत […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

नाकामियों की फेहरिस्त

उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार के नाकामियों की फेहरिस्त लम्बी होती जा रही है। जिसके परिणाम भले ही सरकार को आज न दिख रहा हो, लेकिन आगामी चुनाव परिणाम सरकार की आखों पर चश्मा जरूर लगाएगी। दिन-ब-दिन उत्तर प्रदेश में घट रही बलात्कार और हत्या जैसी घटनाओं से सरकार की नींद भले ही न खुल […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

अमीरी सबके लिए

( पहले देखिए  1-शाँति, सबके लिए   और 2- सेहत, सबके लिए) शान्ति का समृद्धि से, अमीरी से सीधा सम्बंध है। आपने देखा होगा कि जिस परिवार में लड़ाई-झगड़े रहते हैं। वे नौकरी, बिज़नेस या खेती, कुछ भी ठीक ढंग से नहीं कर पाते। पति घर से लड़ाई करके निकलेगा तो वह किसी न किसी छोटे-बड़े हादसे […]

सामाजिक

हारने को हार नहीं कहते बल्कि हिम्मत हारने को हार कहते हैं।

मेहनत और भाग्य को लोग अलग-अलग करके देखते हैं। यह सामान्य जुमला है कि भाग्य में होगा तब सबकुछ मिलेगा। भाग्य प्रबल होगा तब घर बैठे सबकुछ मिल जाएगा। पर यथार्थ के धरातल पर भाग्य पक्ष को तौल कर देखा जाए तब आपको सबकुछ मिलने की गारंटी बिलकुल भी नहीं मिलेगी और मिलना भी नहीं […]

सामाजिक

स्मृति ईरानी और लार्ड मेकाले की शिक्षा

समरस समाज, प्रेरणादायक नेतृत्व और नागरिकों के उच्च चरित्र ही देश और समाज के सर्वंगीण विकास में सहायक होते हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स, इतिहास, भूगोल और अर्थशास्त्र की किस पुस्तक में लिखा है कि बड़ों का सम्मान करो, स्त्रियों को मां-बहन का सम्मान दो, माता-पिता-गुरु को पैर छूकर प्रणाम करो। राम, कृष्ण, गौतम, गांधी के […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

कब तक लटकती रहेंगी दलित बच्चियां यूँ ही पेड़ों पर?

अभी हरियाणा के भागणा में हुए दलित लड़कियों से सामूहिक बलात्कार की घटना के दोषियों को सजा मिली भी नहीं कि आज उत्तर प्रदेश में एक और दिल दहला देने वाली घटना हुई। दो नाबालिग दलित चचेरी बहनों का सवर्णों द्वारा सामूहिक बलात्कार कर के हत्या कर दी जाती है। हत्या भी ऐसी की अपनी […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

शाँति, सबके लिए

आज इन्सान अपने सबसे कठिन दौर से गुज़र रहा है। विज्ञान की उन्नति ने जहां उसके पास सुविधा के साधनों का ढेर लगा दिया है वहीं उसके सामने एक मुश्किल भूल भुलैया भी बना दी है। आज इन्सान के सामने उसकी मंज़िल की साफ़ तस्वीर नहीं है। जिसके सहारे वह आगे बढ़ सके। ऐसे में […]