कर्तव्य पथ
आज करूणा, सासू माँ के न रहने पर दोराहे पर खडी थी जिसकी कल्पना स्वप्न में भी नहीं की थी
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Read Moreपानी की भर-भर अॅजुलियाॅ जो सींच दे हर पेड़ को, जलती धरा पर नग्न पग से, जोत डाले खेत को–!
Read Moreबांग्ला में एक कहावत है– “ठाकुर दा जोई करे, मंगोल जौनयों ।” तात्पर्य हिंदी में यह है– ‘भगवान् या ईश्वर
Read Moreशनिवार का दिन था । मैं सुबह दस बजे कॉलेज के लिए अपने काइनेटिक हौंडा से निकली जैसे ही मैं
Read Moreहसरतों का मैंने आज क़त्लेआम कर दिया लाल सुर्ख़ आँखों ने ये पैग़ाम भर दिया कभी बसते थे जो इन
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