कविता

कोई बात नहीं है

हम बिछुड़ कर भी

बंदे के साथ

और उद्दंडता

पेश करने के प्रति

चुभन के विन्यस्त:

आगे बढ़- बढ़

पीछे अटक- भटक जाने

और मुझे

उनसे भी अट्टहास कहने को

आतुर हैं,

क्योंकि शून्य में भी

सीख आगे बढ़

थामने को दृढ़तर है!

जिंदगी में यही कुछ

भटकाव है!

कल्याण तभी तो

आनेवाले समय में भी

इस तरह की

कोई कमी नहीं है

कि इस तरह की

कोई कमी नहीं होती

य़ह प्रक्रिया में

शामिल होने के

बाद भी नहीं है

कि इस तरह की

कोई बात नहीं है

कि वह अपने घर की

छत पर स्थित है

और इस तरह की

कोई बात

नहीं कर सकती !

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.