मुक्तक/दोहा

वीर बाल दिवस

शहीद हुए थे ज़ोरावर, फतेहसिंह ने जान गँवाई थी,
धर्म नाम पर हुई शहादत, मुग़लों की अगुवाई थी।
ज़िन्दा दीवारों में चिनवाया, छोटे-छोटे बच्चों को,
बच्चों की गौरवगाथा, आज राष्ट्र को बतलाई थी।
कृतज्ञ राष्ट्र ने आज, वीर बाल दिवस मनाया,
भारत के बच्चों का साहस, मुग़लों को समझाया।
तलवारों के दम पर, जो इस्लाम को फैलाते थे,
निहत्थे बच्चों के साहस से, मुग़ल शासक घबराया।
— अ कीर्ति वर्द्धन