जीवन
जीवन
पाप -पुण्य का संगम है
पाप को छोड़
पुण्य ग्रहण करते जाइए
जीवन सुखद बनाते जाइए ।
जीवन
फूल -कांटों का संगम है
कांटों को छोड़
फूल चुनते जाइए
जीवन सुखद बनाते जाइए ।
जीवन
सुख -दु:ख का संगम है
दुःख को छोड़
सुख ग्रहण करते जाइए
जीवन सुखद बनाते जाइए ।
— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
