दशहरा पर
रावण का पुतला हर वर्ष जलाएंगे।
गली गली में बैठा रावण मार न पाएंगे।।
असली रावण तो अंदर बसा है।
अहंकार और लोभ का रूप धसा है।।
बाहर जलता पुतला दिखता है।
अंदर का रावण बढ़ता जाता है।।
राम का संदेश है सत्य और न्याय।
रावण के पापों का होता है विलय।।
लेकिन रावण के गुण भी हैं कमाल।
ज्ञान और शक्ति का अद्भुत संगमाल।।
पुतला जलाकर हम क्या पाते हैं?
असली रावण को कैसे मिटाते हैं?।।
आत्मचिंतन करें, खुद को पहचाने।
अंदर के रावण को मारें, राम को जाने।।
— डॉ. ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत
