कविता

कविता

स्वर्णिम इतिहास के लिए….
हुक्मरानों की तलवारों और नारों के बीच भी
जीवन का पहिया चलता रहता है
क्योंकि यह पहिया
कभी रुकता नहीं है जैसे हवा मुट्ठियों में
कैद नहीं हो सकती ।

इतिहास साक्षी है नारों की उकसाहट पर
तलवारों की धारों के बीचों-बीच से
गुजर कर भी सदियों से कोई
जीवन के अस्तित्व को नहीं मिटा पाया है।

मौसमों की मार से कितने ही ग्लेशियर पिघलकर
नदियों में उछलते हुए समुद्र में जा मिले
मगर फिर भी शिखर
भरते रहे हैं फिर से सफेद बर्फ की चादरों से
ग्लेशियरों के पिघलने से पर्वत
कभी नहीं पिघलते यह याद रखा जाना चाहिए।

धुएं के गुब्बार कितने भी उठें
बारूद की गंध से यह आसमान कितना भी भर जाए
पेट में उठते हुए भूख के बवंडर और
जीवन जीने की जिजीविषा के सुनहले पंख
बारूद की गंध को ज़ज्ब कर ही लेते हैं
यह याद रखा जाना चाहिए।

समय की दहलीज़ पर
पड़ी हुई बेजान शिलाएं भी एक न एक दिन
किसी बुत तराश के हाथ लगकर
मूर्तियों में ढल आती हैं इसलिए हुक्मरानों को
तलवारों और नारों पर खुद को इतना भी
आश्रित नहीं कर लेना चाहिए।

हुक्मरानों को थोड़ा सा सौहार्द
बेजान शिलाओं के दामन में भी रख देना चाहिए
और करुणा की नदी में
तलवारों और नारों की सारी मलिनता बहाकर
जनता के प्रति
जनता के लिए समर्पित हो जाना चाहिए
ताकि वक्त की शिलाओं पर स्वर्णिम इतिहास
लिखा जा सके।

— अशोक दर्द

*अशोक दर्द

जन्म –तिथि - 23- 04 – 1966 माता- श्रीमती रोशनी पिता --- श्री भगत राम पत्नी –श्रीमती आशा [गृहिणी ] संतान -- पुत्री डा. शबनम ठाकुर ,पुत्र इंजि. शुभम ठाकुर शिक्षा – शास्त्री , प्रभाकर ,जे बी टी ,एम ए [हिंदी ] बी एड भाषा ज्ञान --- हिंदी ,अंग्रेजी ,संस्कृत व्यवसाय – राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हिंदी अध्यापक जन्म-स्थान-गावं घट्ट (टप्पर) डा. शेरपुर ,तहसील डलहौज़ी जिला चम्बा (हि.प्र ] लेखन विधाएं –कविता , कहानी , व लघुकथा प्रकाशित कृतियाँ – अंजुरी भर शब्द [कविता संग्रह ] व लगभग बीस राष्ट्रिय काव्य संग्रहों में कविता लेखन | सम्पादन --- मेरे पहाड़ में [कविता संग्रह ] विद्यालय की पत्रिका बुरांस में सम्पादन सहयोग | प्रसारण ----दूरदर्शन शिमला व आकाशवाणी शिमला व धर्मशाला से रचना प्रसारण | सम्मान----- हिमाचल प्रदेश राज्य पत्रकार महासंघ द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए पुरस्कृत , हिमाचल प्रदेश सिमौर कला संगम द्वारा लोक साहित्य के लिए आचार्य विशिष्ठ पुरस्कार २०१४ , सामाजिक आक्रोश द्वारा आयोजित लघुकथा प्रतियोगिता में देशभक्ति लघुकथा को द्वितीय पुरस्कार | इनके आलावा कई साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित | अन्य ---इरावती साहित्य एवं कला मंच बनीखेत का अध्यक्ष [मंच के द्वारा कई अन्तर्राज्यीय सम्मेलनों का आयोजन | सम्प्रति पता –अशोक ‘दर्द’ प्रवास कुटीर,गावं व डाकघर-बनीखेत तह. डलहौज़ी जि. चम्बा स्थायी पता ----गाँव घट्ट डाकघर बनीखेत जिला चंबा [हिमाचल प्रदेश ] मो .09418248262 , ई मेल --- ashokdard23@gmail.com