अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के अवसर पर
बाजरे की रोटी, चूल्हे पर बनी हो,
मट्ठे के कटोरे संग, घी में सनी हो।
गर्म गर्म खाइये, रसोई में बैठकर,
बीमारियाँ दूर, देह हष्टपुष्ट तनी हो।
मक्का की रोटी, साथ में साग हो,
छाछ का कटोरा, गुड़ की मिठास हो।
चूल्हे पर बन रही, वहीं बैठकर खाइए,
स्वस्थ रहे शरीर, मोटा अनाज साथ हो।
— अ कीर्तिवर्द्धन
