गणगौर तीज
खुशियों से भर दो माता, हम सबका माँ भण्डार,
भर दो सबकी झोलियाँ, गवर ईशर सरकार ।
मीठे-मीठे भजनों से माँ, मिलकर तुमको रिझाएंगें,
श्रद्धा भक्ति भाव प्रेम से, सारे तुम्हें मनाएंगे,
सुन लो ओ प्यारी मैया, भक्तों की करुण पुकार,
भर दो सबकी झोलियाँ, गवर ईशर सरकार ।
सुनती हो माँ विनती उसकी, जो शरण तुम्हारी आता है,
खाली झोली वो फिर अपनी, प्रेम से भर ले जाता है,
कर जोड़ खड़े हम मैया, सपने कर दो साकार,
भर दो सबकी झोलियाँ, गवर ईशर सरकार ।
बूंदी, लड्डू, रबड़ी, पेड़े , प्रेम से भोग लगाएंगे,
पाकर निज प्रशाद तुम्हारा, धन्य सभी हो जाएंगे,
मैया के दर्शन पाकर, हुआ “आनंद” पारावार,
भर दो सबकी झोलियाँ, गवर ईशर सरकार ।
खुशियों से भर दो माता, हम सबका माँ भण्डार,
भर दो सबकी झोलियाँ, गवर ईशर सरकार ।
— मोनिका डागा “आनंद”
