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ब्यूटी टिप्स: हल्दी-चंदन से त्वचा निखारें

भारतवर्ष आयुर्वेद का जनक रहा है, हजारों वर्षों से यहाँ प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं को औषधीय रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। तमाम औषधियों का भण्डार हमारे भौगौलिक परिक्षेत्र में उपलब्ध है। भारतीय घरों में सदियों से हल्दी और चंदन का उपयोग सौंदर्य संवर्धन के लिए किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक ग्रंथों से लेकर आधुनिक त्वचा-विशेषज्ञों की सलाह तक, दोनों को त्वचा की देखभाल के लिए उपयोगी माना गया है। विभिन्न शोधों, आयुर्वेदिक संदर्भों और त्वचा-स्वास्थ्य संबंधी विशेषज्ञ रायों का सार भी यह बताता है कि सही तरीके से प्रयोग करने पर हल्दी और चंदन त्वचा को स्वस्थ, स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हल्दी का प्रमुख सक्रिय तत्व करक्यूमिन (Curcumin) है, जो एंटीऑक्सीडेंट है और सूजन-रोधी गुणों के लिए जाना जाता है। त्वचा पर होने वाली हल्की लालिमा, मुंहासों से जुड़ी सूजन तथा प्रदूषण के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में यह मदद कर सकता है। दूसरी ओर चंदन अपनी शीतल प्रकृति, सौम्य सुगंध और त्वचा को आराम पहुंचाने वाले गुणों के कारण लंबे समय से लोकप्रिय है। यह त्वचा को ताजगी देने और अतिरिक्त तैलीयपन को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। जब इन दोनों को पेस्ट बनाकर हम त्वचा पर लगाते हैं तो यह बहुत अच्छा हानिरहित ब्यूटी प्रॉडक्ट बन जाता है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, हल्दी और चंदन का मिश्रण त्वचा की प्राकृतिक चमक बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे “जादुई उपचार” नहीं माना जाना चाहिए कि इसे लगाते ही एकदम से त्वचा चमक जाएगी। स्वस्थ त्वचा के लिए पर्याप्त पानी, संतुलित आहार, अच्छी नींद और धूप से सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। केवल घरेलू लेप लगाने से स्थायी परिणाम की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। एक चम्मच चंदन पाउडर में एक चुटकी हल्दी मिलाकर गुलाब जल या दही के साथ पेस्ट तैयार किया जाए। इसे चेहरे पर 10–15 मिनट तक लगाकर सामान्य पानी से धो लेना चाहिए। सप्ताह में एक या दो बार इसका उपयोग करना अच्छा माना जाता है। अत्यधिक प्रयोग से कुछ लोगों की त्वचा में रूखापन या जलन हो सकती है। ब्यूटीशियन भी यह सलाह देते हैं कि किसी भी नए लेप को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट अवश्य करें। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि त्वचा पर खुजली, जलन या लाल चकत्ते दिखाई दें तो उपयोग बंद कर देना चाहिए। आज के समय में जब महंगे कॉस्मेटिक उत्पादों की भरमार है फिर भी हल्दी और चंदन जैसे पारंपरिक विकल्प अब भी अपनी उपयोगिता बनाए हुए हैं। इनका सबसे बड़ा लाभ यह है कि ये सरल, सुलभ और लंबे समय से उपयोग में लाए जा रहे प्राकृतिक घटक हैं। हल्दी और चंदन त्वचा की देखभाल में उपयोगी हैं। संतुलित जीवनशैली, संतुलित आहार और उचित त्वचा-देखभाल के साथ इनका संयमित उपयोग प्राकृतिक निखार पाने में योगदान दे सकता है।

— नवनीत कुमार शुक्ल (DNYS)

नवनीत शुक्ल

शिक्षक/सम्पादक रायबरेली-उत्तर प्रदेश मो.न.- 9451231908 शिक्षक

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