आजादी की खुशियों में भीग जाने दो
अजादी की खुशियों में भीग जाने दो।
तिरंगे के रंगों में रंग जाने दो।
शहीदों की तपस्या का जश्न है ये,
आज हर आंख में गर्व के दीप जलने दो।
जिन शहिदों के खुन से सींची है यह मिट्टी,
उनके सपनों को आज साकार होने दो।
बिरसा,भगत, गाँधी, सुभाष के वारिस है हम,
उनकी शहादत को आज याद आने दो।
काश्मिर से कन्या कुमारी तक,
हर दिल में देश भक्ति की लौ को जलने दो।
गरीब का बच्चा भी स्कूल की चौखट चूमे,
‘भारत मेरा है’ मैं भारत का हूँ, कहने दो।
भूख मिटे, कलम चले, खेत लहलहाए,
गाँव-गाँव में खुशहाली के गीत गुंजने दो।
जात-पात, ऊंच-नीच की दीवारे गिरे,
‘हमसब एक है’ का नारा गूंजने दो।
आजादी की खुशियों में भीग जाने दो।
जय हिंद के नारों से गगन को गूंजने दो।
— डॉ. कान्ति लाल यादव
