कविता

माँ भारती

माँ भारती चरण धूलि से तिलक सजाऊँ।

शूर वीरों की शहादत का मान बढ़ाऊँ।।

जय जवान, जय किसान हैं राष्ट्र विधाता।

प्रतिभा, कौशल, ध्यान योग से विभूषिता।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८

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