कविता

भारत माँ के वीर सपूत

नमन पहचान कलम की…🖊️

विधा- कविता
शीर्षक- भारत माँ के वीर सपूत

भारत माँ के वीर सपूत हम,
इसकी माटी की शान बचाएंगे,
स्वतंत्रता अक्षुण्ण रखने को,
देशप्रेम का अलख जगाएंगे।

हाथ में लेकर झंडा तिरंगा,
वंदेमातरम् गाते जाएंगे,
परतंत्र न हो फिर भारत अपना,
सबको जगाते जाएंगे।

जोश में होश न खोएंगे हम,
करेंगे अन्यायों का प्रतिकार,
स्वतंत्रता कोई छीन न पाए,
आजादी अपना अधिकार।

वीरों की यह धरती हमको,
साहस का सबक सिखाती है,
स्वतंत्रता की रक्षा करने की,
पावन राह दिखाती है।
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244