कविता

वीरों की वीरगाथा

विधा- कविता
शीर्षक- वीरों की वीरगाथा

वीरों की वीरगाथा को,
शब्दों में हो हमारा नमन,
भारत के दीवानों का,
कोटि-कोटि हो अभिनंदन।

देश की आन बचाने को जो,
आंधी-पानी से तनिक न डरे,
उनके त्याग से रोशन देश है,
सूरज भी उन्हें झुक नमन करे।

तिरंगे की रक्षा के हित,
हँसकर प्राण लुटाने वाले,
वीर थे वे सेनानी निज रक्त से,
इतिहास नए बनाने वाले।

उनके बलिदानों की गाथा,
भारत माँ खुद गाती है,
उनके साहस को समर्पित हमारी,
कलम भी शीश नवाती है।
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244