वीरों की वीरगाथा
विधा- कविता
शीर्षक- वीरों की वीरगाथा
वीरों की वीरगाथा को,
शब्दों में हो हमारा नमन,
भारत के दीवानों का,
कोटि-कोटि हो अभिनंदन।
देश की आन बचाने को जो,
आंधी-पानी से तनिक न डरे,
उनके त्याग से रोशन देश है,
सूरज भी उन्हें झुक नमन करे।
तिरंगे की रक्षा के हित,
हँसकर प्राण लुटाने वाले,
वीर थे वे सेनानी निज रक्त से,
इतिहास नए बनाने वाले।
उनके बलिदानों की गाथा,
भारत माँ खुद गाती है,
उनके साहस को समर्पित हमारी,
कलम भी शीश नवाती है।
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया
