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साप्ताहिक ‘नगरकथा’ के 47वें वर्ष में प्रवेश पर भव्य समारोह,

​इटारसी (मध्य प्रदेश) – चुनौतियों और आर्थिक अभावों के बावजूद अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता से निरंतर रोशनी बिखेर रहे साप्ताहिक समाचार पत्र ‘नगरकथा’ ने अपने सफल 46 वर्ष पूर्ण कर 47वें वर्ष में प्रवेश किया। इस स्वर्णिम अवसर पर रविवार, 16 अगस्त 2026 को ईश्वर रेस्टोरेंट, न्यास कॉलोनी, इटारसी में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।

​चुनौतियों के बीच संपादक महोदय की अनुकरणीय निष्ठा

वर्तमान समय में पत्रकारिता के समक्ष खड़ी चुनौतियों और संसाधनों की कमी के बावजूद ‘नगरकथा’ ने अपनी निष्पक्षता और लोकप्रियता को बनाए रखा है। इसमें संपादक महोदय का योगदान अविस्मरणीय है, जो इस आयु में भी अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। इस सफ़र को सफ़र बनाने में प्रबंध संपादक दिनेश थापक, संपादक महोदयपरम आदरणीय जम्मू सिंह उप्पल, सह-संपादक और ‘नगरकथा’ की पूरी सहयोगी टीम का समर्पण सराहनीय रहा है।

​लोकतंत्र में पत्रकारिता का महत्व

कार्यक्रम में महादेवी वर्मा पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार मान. श्री अशोक जमनानी ने “लोकतंत्र में पत्रकारिता का महत्व” विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक मान. डॉ. सीतासरन शर्मा एवं इटारसी नगरपालिका अध्यक्ष मान. श्री पंकज चौरे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​साहित्यकारों व पत्रकारों का सम्मान,,

समारोह में निष्पक्ष पत्रकारिता और साहित्य सेवा के लिए कई हस्तियों को स्मृति चिन्ह व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में हरदा (म.प्र.) के डॉ. मुश्ताक अहमद शाह ‘सहज’ को उनके विशेष साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, साहित्यकार और पत्रकार उपस्थित रहे।

— डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह सहज़

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह

पिता का नाम: अशफ़ाक़ अहमद शाह जन्मतिथि: 24 जून जन्मस्थान: ग्राम बलड़ी, तहसील हरसूद, जिला खंडवा, मध्य प्रदेश कर्मभूमि: हरदा, मध्य प्रदेश स्थायी पता: मगरधा, जिला हरदा, पिन 461335 संपर्क: मोबाइल: 9993901625 ईमेल: dr.m.a.shaholo2@gmail.com शैक्षिक योग्यता एवं व्यवसाय शिक्षा,B.N.Y.S.बैचलर ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस. बी.कॉम, एम.कॉम बी.एड. फार्मासिस्ट आयुर्वेद रत्न, सी.सी.एच. व्यवसाय: फार्मासिस्ट, भाषाई दक्षता एवं रुचियाँ भाषाएँ, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी रुचियाँ, गीत, ग़ज़ल एवं सामयिक लेखन अध्ययन एवं ज्ञानार्जन साहित्यिक परिवेश में रहना वालिद (पिता) से प्रेरित होकर ग़ज़ल लेखन पूर्व पद एवं सामाजिक योगदान, पूर्व प्राचार्य, ज्ञानदीप हाई स्कूल, मगरधा पूर्व प्रधान पाठक, उर्दू माध्यमिक शाला, बलड़ी ग्रामीण विकास विस्तार अधिकारी, बलड़ी कम्युनिटी हेल्थ वर्कर, मगरधा साहित्यिक यात्रा लेखन का अनुभव: 30 वर्षों से निरंतर लेखन प्रकाशित रचनाएँ: 2000+ कविताएँ, ग़ज़लें, सामयिक लेख प्रकाशन, निरन्तर, द ग्राम टू डे, दी वूमंस एक्सप्रेस, एजुकेशनल समाचार पत्र (पटना), संस्कार धनी (जबलपुर),जबलपुर दर्पण, सुबह प्रकाश , दैनिक दोपहर,संस्कार न्यूज,नई रोशनी समाचार पत्र,परिवहन विशेष,समाचार पत्र, घटती घटना समाचार पत्र,कोल फील्ड मिरर (पश्चिम बंगाल), अनोख तीर (हरदा), दक्सिन समाचार पत्र, नगसर संवाद, नगर कथा साप्ताहिक (इटारसी) दैनिक भास्कर, नवदुनिया, चौथा संसार, दैनिक जागरण, मंथन (बुरहानपुर), कोरकू देशम (टिमरनी) में स्थायी कॉलम अन्य कई पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर रचनाएँ प्रकाशित प्रकाशित पुस्तकें एवं साझा संग्रह साझा संग्रह (प्रमुख), मधुमालती, कोविड, काव्य ज्योति, जहाँ न पहुँचे रवि, दोहा ज्योति, गुलसितां, 21वीं सदी के 11 कवि, काव्य दर्पण, जहाँ न पहुँचे कवि (रवीना प्रकाशन) उर्विल, स्वर्णाभ, अमल तास, गुलमोहर, मेरी क़लम से, मेरी अनुभूति, मेरी अभिव्यक्ति, बेटियां, कोहिनूर, कविता बोलती है, हिंदी हैं हम, क़लम का कमाल, शब्द मेरे, तिरंगा ऊंचा रहे हमारा (मधुशाला प्रकाशन) अल्फ़ाज़ शब्दों का पिटारा, तहरीरें कुछ सुलझी कुछ न अनसुलझी (जील इन फिक्स पब्लिकेशन) व्यक्तिगत ग़ज़ल संग्रह: तुम भुलाये क्यों नहीं जाते तेरी नाराज़गी और मेरी ग़ज़लें तेरा इंतज़ार आज भी है (नवीनतम) पाँच नए ग़ज़ल संग्रह प्रकाशनाधीन सम्मान एवं पुरस्कार साहित्यिक योगदान के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त पाठकों का स्नेह, साहित्यिक मंचों से मान्यता मुश्ताक़ अहमद शाह जी का साहित्यिक और सामाजिक योगदान न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के लिए गर्व का विषय है। आपकी लेखनी ने समाज को संवेदनशीलता, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जोड़ा है। आपके द्वारा रचित ग़ज़लें और कविताएँ आज भी पाठकों के मन को छूती हैं और साहित्य को नई दिशा देती हैं।