कविता

आने वाले तूफ़ान की आहट

आने वाले तूफ़ान की आहट

दूर कहीं बादल गरजे,
पत्तों ने कुछ कहा—
हवा ने कानों में
आने वाले तूफ़ान की
आहट दी।

सूना आकाश,
झुकी हुई डालियाँ,
समुद्र की लहरों में
अचानक बढ़ी बेचैनी—
कौन आ रहा है?

एक चिड़िया चुप है,
घोंसला थामे बैठी,
क्षितिज पर काली रेखा—
फिर भी कहीं
उम्मीद का दीप जलता है।

तूफ़ान आएगा,
सब कुछ बदल जाएगा—
पर मिट्टी की गोद में
नया सवेरा
फिर जन्म लेगा।

— डॉ. अशोक

डॉ. अशोक कुमार शर्मा

पिता: स्व ० यू ०आर० शर्मा माता: स्व ० सहोदर देवी जन्म तिथि: ०७.०५.१९६० जन्मस्थान: जमशेदपुर शिक्षा: पीएचडी सम्प्रति: सेवानिवृत्त पदाधिकारी प्रकाशित कृतियां: क्षितिज - लघुकथा संग्रह, गुलदस्ता - लघुकथा संग्रह, गुलमोहर - लघुकथा संग्रह, शेफालिका - लघुकथा संग्रह, रजनीगंधा - लघुकथा संग्रह कालमेघ - लघुकथा संग्रह कुमुदिनी - लघुकथा संग्रह [ अन्तिम चरण में ] पक्षियों की एकता की शक्ति - बाल कहानी, चिंटू लोमड़ी की चालाकी - बाल कहानी, रियान कौआ की झूठी चाल - बाल कहानी, खरगोश की बुद्धिमत्ता ने शेर को सीख दी , बाल लघुकथाएं, सम्मान और पुरस्कार: काव्य गौरव सम्मान, साहित्य सेवा सम्मान, कविवर गोपाल सिंह नेपाली काव्य शिरोमणि अवार्ड, पत्राचार सम्पूर्ण: ४०१, ओम् निलय एपार्टमेंट, खेतान लेन, वेस्ट बोरिंग केनाल रोड, पटना -८००००१, बिहार। दूरभाष: ०६१२-२५५७३४७ ९००६२३८७७७ ईमेल - ashokelection2015@gmail.com