आने वाले तूफ़ान की आहट
आने वाले तूफ़ान की आहट
दूर कहीं बादल गरजे,
पत्तों ने कुछ कहा—
हवा ने कानों में
आने वाले तूफ़ान की
आहट दी।
सूना आकाश,
झुकी हुई डालियाँ,
समुद्र की लहरों में
अचानक बढ़ी बेचैनी—
कौन आ रहा है?
एक चिड़िया चुप है,
घोंसला थामे बैठी,
क्षितिज पर काली रेखा—
फिर भी कहीं
उम्मीद का दीप जलता है।
तूफ़ान आएगा,
सब कुछ बदल जाएगा—
पर मिट्टी की गोद में
नया सवेरा
फिर जन्म लेगा।
— डॉ. अशोक
