चाटुकारिता
क्यों भाई
तुम किस पक्ष से हो
मैं दोनों ही पक्ष में हूँ
अपनी सहूलियत के हिसाब से
आता जाता रहता हूँ
दोनों तरफ
दोनों मुझे अपना समझते हैं
चाटुकार हूँ मैं
क्यों भाई
तुम किस पक्ष से हो
मैं दोनों ही पक्ष में हूँ
अपनी सहूलियत के हिसाब से
आता जाता रहता हूँ
दोनों तरफ
दोनों मुझे अपना समझते हैं
चाटुकार हूँ मैं